जागरण संवाददाता, जींद: डीसी साहब! आप अस्पताल में आए हो तो कुछ मरीजों की मदद भी करवा दो। यहां आठ साल से अल्ट्रासाउंड की मशीन धूल फांक रही है। मरीजों को मजबूरी में निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जेब कटवानी पड़ रही है। सरकारी अस्पताल में गरीब आदमी आते हैं। विशेषज्ञ डाक्टर न होने के कारण उनका इलाज नहीं हो पाता। यहां डाक्टरों की व्यवस्था करवा दीजिए।

सोमवार सुबह डीसी नरेश नरवाल जब नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे तो मरीजों ने कुछ ऐसी गुहार लगाई। डीसी ने ओपीडी रूम, आप्रेशन थियेटर, ब्लड कलेक्शन डानर रूम, कोरोना वार्ड तथा शौचालयों में जाकर देखा। नई बिल्डिग में वार्डों का दौरा करके सफाई व्यवस्था से डीसी खुश दिखाई दिए। इसके बाद ओपीडी के प्रथम व द्वितीय तल पर पहुंचे, वहां मरीजों की भीड़ देखकर डीसी काफी नाखुश दिखाई दिए। ग्राउंड फ्लोर पर पर्ची कटवाने की खिड़कियों के आगे और दवाइयों के काउंटर के आगे मरीजों की काफी भीड़ लगी हुई थी। ओपीडी में कई डाक्टरों के कमरों के आगे भी भीड़ में लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े हुए थे। यहां डीसी को चिताजनक बात यह लगी कि काफी भीड़ होने के बावजूद ज्यादातर मरीजों ने मास्क नहीं लगा रखे थे। डीसी ने कहा कि इतने आदमी खड़े हैं। इनमें बच्चे, बूढ़े व महिलाएं भी हैं। ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि मरीजों की भीड़ न रहे। ऐसा इलेक्ट्रिक काउंटर सिस्टम बनाया जाए, जिससे सीरियल नंबर स्क्रीन पर दिख जाए और मरीज को उसके नम्बर के हिसाब से बुलाया जा सके। पर्ची व दवा के काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जाए। अस्पताल में खड़ी गाड़ियों के बारे में जानकारी ली और कंडम गाडियों को कंडम नेशन बोर्ड द्वारा कंडम करवाकर बोली करवाने के निर्देश दिये। डीसी ने आक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया और सप्लाई के बारे में जांच की। नई बिल्डिग के बाद डाक्टर पुराने भवन में पहुंचे तो वहां गायनी वार्ड के कमरे के आगे भी महिलाओं की काफी भीड़ थी। इसके बाद डीसी सीएमओ कार्यालय में डिप्टी सीएमओ डा. पालेराम कटारिया, डा. गोपाल गोयल, डा. रघुबीर पूनिया, डा. रमेश पांचाल के साथ करीब एक घंटे तक मीटिग की और कोरोना की तीसरी लहर से बचने के उपायों की जानकारी ली। --हर रोज 25 हजार वैक्सीनेशन का टारगेट दिया

डीसी नरेश नरवाल ने जिले में वैक्सीनेशन की सुस्त रफ्तार पर चिता जताई। कहा कि प्रदेश में जींद जिले कोरोना टीकाकरण में काफी पीछे है। इसको रफ्तार दी जाए। हर रोज 25 हजार टीके जरूर लगाए जाएं। सीएचसी व पीएचसी के स्टाफ के बारे में भी जानकारी ली। डीसी ने कहा कि उन्हें गाड़ी, तेल या अन्य जो भी जरूरत हो, लिखकर पूरी रिपोर्ट दे दें। वह सरकार से बात करके सभी चीजें मुहैया कराएंगे। --आयुर्वेदिक डाक्टरों की डेपुटेशन पर बात करूंगा

जिले में डाक्टरों की कमी पर डीसी ने कहा कि वह आयुर्वेदिक डाक्टरों की फील्ड में ड्यूटी लगाने के लिए मुख्यालय पर बात करेंगे। कई पीएचसी पर डाक्टरों की कमी है, ऐसे में आयुर्वेदिक डाक्टरों की डेपुटेशन होने से काफी राहत मिलेगी। जींद में रेडियोग्राफर व विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी दूर करने के लिए भी सरकार को पत्र लिखेंगे। अस्पताल परिसर के नए व पुराने भवन में सफाई से डीसी खुश दिखाई दिए। --बच्चों पर फोकस करो, 200 कुर्सी भिजवाउंगा

डीसी ने कहा कि अस्पताल में जो बच्चे बीमार होकर आ रहे हैं, उन पर फोकस रखा जाए। सीरो सर्वे की रिपोर्ट भी उनके पास भेजी जाए। नरवाना नागरिक अस्पताल में आक्सीजन प्लांट का जनरेटर की व्यवस्था भी जल्द करवाने का आश्वासन दिया। डीसी ने कहा कि वह अस्पताल में जल्द 200 थ्री सीटर कुर्सियों की व्यवस्था करवाएंगे ताकि मरीज आराम से बैठ सकें और भीड़ में एक-दूसरे से सट कर न खड़े हों। --पीएनबी ने अस्पताल को 24 सहायक उपकरण किए भेंट

पंजाब नेशनल बैंक के अग्रणी जिला कार्यालय ने कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए 24 सहायक उपकरण सोमवार को नागरिक अस्पताल में डीसी को भेंट किए, जिनमें 5 मल्टीपैरा मानीटर तथा 19 आक्सीमीटर टेबल टाप हैं। पीएनबी के चंडीगढ़ से अंचल प्रबंधक संदीप कुमार पाणिग्रही, मंडल प्रमुख दीपक तनेजा ने कहा कि सामाजिक भागीदारी के तहत दस लाख रुपये के ये उपकरण अस्पताल को भेंट किए हैं।

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