जागरण संवाददाता, जींद

चौ. रणबीर ¨सह यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आरबी सोलंकी पर बंदूक से हमला करने पहुंचे पूर्व छात्र नरेंद्र मलिक ने छह माह पहले भी वीसी पर लोहे की रॉड से हमले की कोशिश की थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने उसका विश्वविद्यालय परिसर में घुसने पर बैन लगा दिया था। इसी से वह तिलमिलाया हुआ था। छात्र का व्यवहार नहीं था ठीक

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के अनुसार गांव रामकली के नरेंद्र मलिक ने फिजिकल एजुकेशन में दाखिला लिया था, लेकिन यूनिवर्सिटी कैंपस में उसका व्यवहार ठीक नहीं था। अक्सर वह नशा करके यूनिवर्सिटी में आता था और लड़ाई-झगड़े करता था। करीब छह महीने पहले उसने शराब पीकर लड़कियों के हॉस्टल में घुसने का प्रयास किया था। तब किसी तरह उसे वहां से भगा दिया था। तब वह लोहे की रॉड लेकर वीसी पर हमला करने के लिए उनके कार्यालय में पहुंच गया था। तब उसे सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। करीब छह दिन बाद उसे जमानत मिली थी। अब वह जमानत पर ही चल रहा था। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में उसकी इंट्री बैन कर दी थी। यूनिवर्सिटी के सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि मंगलवार को भी वह अपने साथी के साथ नशा करके ही हमला करने पहुंचा था। हमलावर का धैर्य खोना रहा फायदेमंद

यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि नरेंद्र मलिक जब अपने साथी के साथ वीसी से मिलने पहुंचा तो चपरासी ने उसे कुछ देर बैठने के लिए कह दिया था। एक बार तो दोनों आराम से बाहर कुर्सी पर बैठ गए थे। लेकिन थोड़ी देर बाद ही वह धैर्य खो बैठे और अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। उनकी हरकतें देखकर चपरासी और सुरक्षा कर्मियों को शक हो गया और पीछे से उन्हें पकड़ लिया। यदि वह आराम से बैठा रहता और परमिशन पर अंदर घुस जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। अंदर वीसी के साथ रजिस्ट्रार भी बैठे हुए थे। सीसीटीवी से होगी दूसरे युवक की पहचान

यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र नरेंद्र मलिक के साथ दूसरा युवक था, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। सदर थाना प्रभारी मनदीप कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दूसरे युवक की पहचान की जा रही है। जल्द ही दोनों को काबू भी कर लिया जाएगा। यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर अभी नरेंद्र मलिक और दूसरे अज्ञात युवक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने गोली को कब्जे में ले लिया है। शिक्षक-कर्मचारी रात को पहुंचे यूनिवर्सिटी

वीसी को गोली मारने की सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और कर्मचारियों ने कैंपस में पहुंचना शुरू कर दिया। सभी उनका कुशलक्षेम जानना चाहते थे। शिक्षक अनुपम भाटिया व जयपाल ने कहा कि उन्हें यही सूचना मिली थी कि वीसी को गोली मारी गई है। तुरंत भागे-भागे यहां आए। यहां आकर सब कुछ ठीक मिला तो शांति हुई। कई अन्य शिक्षक भी रात को वीसी से मिलने के लिए पहुंचे।

Posted By: Jagran