जागरण संवाददाता, जींद : डीएवी स्कूल के बच्चों ने बाल दिवस को शहीद बच्चों के नाम पर मनाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पीड पोस्ट के जरिए दस हजार चिट्ठियां भेजी हैं। ये चिट्ठियां बच्चों व उनके अभिभावकों ने लिखी हैं। अगली 26 दिसंबर तक एक लाख चिट्ठियां भेजने का लक्ष्य है। डीएवी जींद रीजन के सभी दस स्कूलों की ओर से भी चिट्ठियां भेजी जाएंगी।

गुरुवार को डीएवी स्कूल के प्रिसिपल व क्षेत्रीय निदेशक डा. धर्मदेव विद्यार्थी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश के अनगिनत बच्चों ने छोटी उम्र में बड़े कारनामे किए हैं। वास्तव में ये बच्चे हमारे रोल मॉडल हैं। इसलिए इन बच्चों के नाम पर बाल दिवस मनाना चाहिए। डीएवी जींद, सफीदों, नरवाना, टोहाना, फतेहाबाद, जाखल के दस स्कूलों की ओर से प्रधानमंत्री को इस बारे में चिट्ठियां भेजी जाएंगी। डॉ. विद्यार्थी ने कहा कि उन्होंने जींद के निजी स्कूलों का भी आह्वान किया है कि वे भी इस तरह की चिट्ठियां प्रधानमंत्री को लिखें। यह अभियान डीएवी का न होकर, हम सबका होना चाहिए। डॉ. विद्यार्थी ने कहा कि जो बच्चे अपने बचपन में ही देश और धर्म के लिए शहीद हो गए, क्या वे महान नहीं हैं। यदि हां तो क्यों नहीं हम उन बालवीरों के नाम पर बाल दिवस मनाते हैं। शहीद फतेह सिंह और जोरावर सिंह के नाम पर बाल दिवस घोषित करवाने के लिए प्रदेशभर में अभिया चलाया जाएगा।

पंजाब, हरियाणा के सीएम को भी चिट्ठी लिखी

डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने बताया कि उन्होंने पंजाब व हरियाणा के मुख्यमंत्री को भी चिट्ठी लिखी है और शहीद बच्चों के नाम पर बाल दिवस मनाने की मांग की है। चिट्ठी में लिखा है कि यदि वे इस बात से सहमत हैं कि देश रक्षा का पाठ सिखाने के लिए शहीद बच्चों के नाम बाल दिवस मनाने से बढि़या अध्याय नहीं हो सकता, तो वे अपने राज्यों में इसका ऐलान करें।

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