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जागरण संवाददाता, जींद : राजकीय पेंशनर्ज कर्मचारी-अधिकारी एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी की मीटिग 15 सितंबर को जाट धर्मशाला में प्रधान किताब सिंह भनवाला की अध्यक्षता में होगी। मीटिग में पेंशनर्ज की पेंशन रिवाइज कराने में आने वाली कठिनाइयों और विसंगतियों पर विशेष रूप से चर्चा करके सरकार को अवगत कराकर सुलझाने का कार्यक्रम बनाया जाएगा। पेंशनर्ज में विसंगतियों को उजागर करके सरकार से मांग की जाएगी कि 1 जनवरी 2016 से पूर्व रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन रिवीजन में वे शर्तें लगाई जा रही हैं, जो 31 दिसंबर 2015 से पहले ही सरकार द्वारा हटाई जा चुकी हैं। 30 नवंबर 2007 के बाद रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन 10 महीने की औसत वेतन की बजाय अंतिम वेतन के आधार पर निर्धारित की जाती है, जबकि 1 जनवरी 2016 से पेंशन रिवीजन में भी पहले वाली शर्त लागू की जा रही है, जो कि गलत है। पेंशन निर्धारण में 31 दिसंबर 2015 के बाद 33 वर्ष सेवा की शर्त को हटाकर 20 वर्ष की सेवा उपरांत पूरी पेंशन देने का प्रावधान है। परंतु 1 जनवरी 2016 से पहले रिटायर्ड कर्मचारियों की 1 जनवरी 2016 से पेंशन रिवीजन में पहले वाली शर्त लगाई जा रही है, जो कि न्याय संगत तथा तर्कसंगत नहीं है। सरकार दोनों विसंगतियों को शीघ्र दूर नहीं करती तो पेंशनर्ज को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

इस मीटिग में शर्तों से पीड़ित सभी पेंशनर्ज को बुलाया गया है ताकि सरकार को चेताया जा सके। वरना बाद में सरकार के विरोध में आंदोलन चलाया जाएगा और उधर न्यायालय में केस करके अपना हक प्राप्त किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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