संवाद सूत्र, उचाना : बुधवार को बाजरा, कपास के भाव में तेजी रही। कपास प्राइवेट बोली पर 8570 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी तो बाजरा भी 1651 रुपये प्रति क्विटल बिका। दोनों फसलों का अब तक सीजन में सबसे अधिक भाव है। कपास के भाव बढ़ रहे है ऐसे में किसानों को 10 हजार रुपये तक होने उम्मीद हो गई है तो बाजरा के भाव में भी कुछ दिनों से तेजी आ रही है।

किसानों का कहना है कि अगर 1600 रुपये से अधिक भाव किसानों को बाजरे के मिलते रहे तो किसानों को आर्थिक रूप से फायदा होगा। किसान बलजीत, मनोज, रोहताश, अनूप ने कहा कि इस बार कपास का उत्पादन कम है। गुलाबी सुंडी से फसल का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। भाव इस बार फसल के सीजन से बीते साल से अधिक मिल रहे है। 8570 रुपये प्रति क्विंटल बुधवार को कपास बिकी है तो बाजरे का भाव 1651 रुपये प्रति क्विटल तक रहा है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने बताया कि इस बार कपास के भाव बीते साल से अधिक किसानों को मिल रहे है।

पीआर धान की खरीद के कई दिन बाद भी नहीं आया भुगतान

उचाना : पीआर धान की फसल बिके किसानों को 18 दिन हो चुके है, लेकिन अभी तक किसानों के खाते में भुगतान नहीं आई है। दा फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के प्रधान वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मार्केट कमेटी सचिव को वीरवार को आढ़ती, किसान ज्ञापन देकर पेमेंट किसानों के खाते में डालने की मांग करेंगे। कई किसान तो ऐसे है जिन्होंने अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में अपनी फसल बेची थी, लेकिन अभी तक उनके खाते में पेमेंट नहीं आई है। दिवाली नजदीक है ऐसे में किसान के खाते में पेमेंट जल्द से जल्द एफसीआई डाले ताकि किसान अपने जरूरी कार्य कर सकें। खरीद के 72 घंटे के बाद पेमेंट किसान के खाते में डालनी सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर रामदत्त शर्मा, सुरेश सुरबरा, रमेश गर्ग, पवन कुमार मौजूद रहे।

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