जागरण संवाददाता, जींद : आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा के नेतृत्व में आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्परों ने दूसरे दिन भी हड़ताल के दौरान लघु सचिवालय के सामने धरना दिया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान भूला देवी व संचालन रमेश देवी ने किया। सीटू राज्य उपाध्यक्ष रमेशचंद्र ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार आइसीडीएस और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लाई गई है। प्ले वे स्कूलों के द्वारा आइसीडीएस को प्राइवेट हाथों व एनजीओ को सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसे आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आज हम किसान आंदोलन से सीखने की जरूरत है किस प्रकार 500 से ज्यादा संगठन होने के बावजूद एकता कायम रखी और आंदोलन को जीत तक पहुंचाया। संगठन नेताओं ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ने वर्कर्स व हेल्पर्स बारे 2018 में जो घोषणाएं थी तीन साल गुजर जाने के बावजूद उन्हें लागू नहीं किया जा रहा। महंगाई भत्ता केवल एक बार दिया गया, जबकि उसके बाद दो किस्त बकाया है। केंद्र सरकार द्वारा सितंबर 2018 में घोषित वर्कर्स की बढ़ोतरी के 1500 रुपये व हेल्पर्स के 750 रुपये आज तक नहीं दिए गए। वर्कर्स से सुपरवाइजर की पदोन्नति नहीं की जा रही। 40-40 साल सेवा करने के बावजूद किसी प्रकार का सेवानिवृति लाभ नहीं दिया जा रहा। संगठन नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा व्यवस्था व आइसीडीएस की मौत का दस्तावेज है। इसके लागू होने से स्कूली व्यवस्था चौपट होगी। इस अवसर पर उषा रानी, पुष्पा, सुदेश, मूर्ति, बिमल, कमला, बीरमति, राजकुमारी, सतवंती, जयपति, सुनीता, लक्ष्मी, सीमा, पूनम, सरोज, कृष्णा, किताबो, राजेश देवी, दर्शना, मुकेश, कमला, बोहती, सावित्री, लाजवंती, निर्मला, जयपति मौजूद रहे।

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