जागरण संवाददाता, जींद : नौ माह पहले नरवाना में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में पुलिस ने निजी अस्पताल की एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपित को नरवाना की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसको जमानत पर रिहा कर दिया।

नरवाना की नई बस्ती निवासी अमित ने 16 सितंबर, 2018 को एसएसपी और सीएम विडो में शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी प्रीति गर्भवती थी और 16 सितंबर, 2018 को प्रसव पीड़ा होने पर नरवाना के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। उसको प्रसव पीड़ा होती रही, लेकिन उसे वहां पर तैनात महिला डॉ. जसपाल कौर मल्होत्रा के बजाय स्टाफ ही देखता रहा। जब उसकी पत्नी की हालात बिगड़ने लगी, तब उसे बुलाने के लिए उसके घर भी गया, लेकिन डॉक्टर नहीं आई। करीब चार घंटे बाद उसकी पत्नी को बेटी पैदा हुई, लेकिन प्रसव के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इस पर एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए थे और सिविल सर्जन ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया। कमेटी ने दोनों पक्षों को जांच के लिए बुलाया। जांच में महिला डॉक्टर की लापरवाही सामने आई और उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई। नरवाना पुलिस ने डॉ. जसपाल कौर मल्होत्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शनिवार को पुलिस ने आरोपित डॉक्टर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।

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