संवाद सूत्र, नरवाना : धरौदी माइनर को भाखड़ा नहर से जुड़वाने के लिए 11 गांव के ग्रामीणों का धरना मंगलवार को 34वें दिन जारी रहा। धरने का संचालन धमतान तपा के पूर्व प्रधान रंगीराम ने किया। मंगलवार को इनेलो नेता अभय चौटाला भी धरने पर पहुंचे और 11 गांवों का साथ देने का ऐलान किया। इस अवसर पर संघर्ष समिति के प्रधान अमित धरौदी ने प्रतिनिधिमंडल की सीएम मनोहर लाल से सोमवार की बातचीत का ब्योरा दिया।

प्रधान अमित ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की सीएम के साथ बातचीत विफल रही। उन्होंने कहा कि चाहे जो मजबूरी हो, पानी जरूरी है, के नारे के साथ धरना स्थल पर बैठे लोगों में जोश भरा। गांव कर्मगढ़ से आई महिला अनिता ने कहा कि अब वे आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। हमारे जो जवान इस लड़ाई से डरते हैं, तो उन्हें जन्म ही नहीं लेना चाहिए था। हमारी यह पानी की मांग नहीं, बल्कि यह जीवन दान के समान है। इससे पहले एसडीएम जयदीप कुमार, बीडीपीओ राजेश टिवाणा और डीएसपी जगत सिंह धरनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने किसानों व ग्रामीणों को मुख्यमंत्री से हुई क्या बातचीत हुई, इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने ग्रामीणों से धरना समाप्त करने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों ने एक टूक में जवाब देते हुए कहा कि जब तक धरौदी माइनर में पानी नहीं आ जाता तब तक धरना जारी रहेगा। चाहे ग्रामीणों को अपने प्राण यहां क्यों न त्यागने पड़े।

विधानसभा सत्र में काम रोको प्रस्ताव डाला जाएगा

गांव धरौदी में धरना स्थल पर दोपहर बाद इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पहुंचे और उन्होंने कहा कि 11 गांवों के लोगों की जायज मांग हैं। इसलिए उनको जो जिम्मेदारी सौंपी जायेगी, वो उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। विधानसभा सत्र में काम रोको प्रस्ताव डाला जायेगा। इनेलो द्वारा पहले जो एसवाइएल की लड़ाई लड़ी जा रही है, अब धरौदी माइनर के मामले में सरकार को कठघरे में लाना का काम किया जाएगा। वे नेता बाद में हैं, पहले सामाजिक कार्यकर्ता हैं। इनेलो का हर कार्यकर्ता उनके साथ है। कार्यकर्ताओं की जो जिम्मेदारी लगाओ, वे उनके साथ मिलेंगे।

Posted By: Jagran

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