जागरण संवाददाता, जींद : कॉलेज में पढ़ने वाली ज्यादातर बेटियां खून की कमी से ग्रस्त हैं। शहर के सफीदों रोड पर सामाजिक संस्था समर्पण विकास मंच की तरफ से रेडक्रास द्वारा संचालित वर्किंग वूमन हॉस्टल में हीमोग्लोबिन (एचबी) जांच शिविर लगाया गया। महिला हॉस्टल में रहने वाली 39 कॉलेज छात्राओं की जांच में सिर्फ 7 लड़कियों का एचबी 9 ग्राम के ऊपर पाया गया। कॉलेज जाने वाली इन लड़कियों में एचबी की कमी मिलने पर संस्था की प्रधान सुनीता मलिक व डॉक्टर पर¨मदर ने लड़कियों में माहवारी के समय आने वाली समस्याओं व दूसरी अन्य समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. पर¨मदर कौर ने बताया कि माहवारी के समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। गंदे सेनेट्री पैड प्रयोग न करें। हर छह घंटे बाद सेनेट्री पैड बदल लें। इस दौरान संस्था की तरफ से सभी लड़कियों को एक-एक सेनेट्री पैड दिया गया। इस मौके पर उपायुक्त की माता कृष्णा खत्री, रेडक्रॉस के सचिव राजकपूर सुरा, ¨पकी सूरा, ईश्वर ¨सह, संजय धवन, हॉस्टल वार्डन सरोज, शीला एडवोकेट आदि उपस्थित थे। प्रेम चौधरी ने सभी लड़कियों को खुद की साफ सफाई रखने पर विशेष जोर दिया। गुड़ और चना खाएं, खून बढ़ाएं

डॉ. पर¨मदर कौर ने बताया कि लड़कियों व महिलाओं को खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हरी सब्जियां, पालक, गाजर व मूली का सेवन करें। गुड़ व भुने हुए चने खाने से ही खून की कमी पूरी हो जाती है। यह खून बढ़ाने का सबसे सस्ता साधन है। खून की कमी से शरीर आसानी से किसी भी बीमारी की जकड़ में आ जाता है। इससे चिड़चिड़ापन, थकान व शरीर में भारीपन भी बढ़ता है।

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