जेएनएन, सफीदो (जींद)। यमुना से निकलने वाली हांसी-बुटाना लिंक नहर में गांव निमनाबाद व आंटा से पानी में तैरते दो पत्थर मिले हैं। रामायण काल जैसे तैरते पत्थरों के मिलने की जानकारी जैसे ही वहां लोगों को मिली लोग उमड़ पड़े। लोग पत्थरों की पूजा अर्चना करने लगे।

गांव निमनाबाद के एक सिख डेरे के लोग जब नहर में अपने पशुओ को नहला रहे थे तो उन्हें पानी में कोई तैरती हुई चीज दिखी। जब इसे छूकर देखा तो पत्थर निकला। इस पत्थर को उन लोगो ने पानी से बाहर निकाला तो उसका वजन बहुत ज्यादा था। वही गांव आंटा में नहर से लोगो को ऐसा ही तैरता पत्थर मिला है। दोनों पत्थर पानी में डालते ही लकड़ी की तरह तैरने लगते हैं। पानी से बाहर निकालने पर इनका वजन बढ़ जाता है।

पानी में जहां इस पत्थर का वजन बिल्कुल नही होता, वही पानी के बाहर 40 किलो हो जाता है। इस तैरते पत्थर को लोग चमत्कार मान रहे हैं। गांव के लोग इसे चमत्कार मानकर पूजा कर रहे हैं। उनका कहना है कि सावन के महीने में इस प्रकार का चमत्कार भोले बाबा ही कर सकते हैं। गांव आंटा के महेंद्र के घर में इस पत्थर को देखने वालो का तांता लगा हुआ है।

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पानी में तैरते हैं पहाड़ो पर मिलने वाले सॉफ्ट पत्थर

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के भूगर्भ वैज्ञानिक डॉ. अक्षय राजन चौधरी का कहना कि पहाड़ो में जिन स्थानो पर लावा निकलता है, वहां सोफट पत्थर मिलते हैं जो पानी में तैरते हैं, लेकिन यमुना नदी जिन स्थानो से निकलती है, वहां लावा जैसी कोई बात नहीं है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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