झज्जर की छारा मंडी में गेहूं उठान ठप, आढ़तियों का सब्र टूटा, डीसी से मिलकर दी सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी
छारा अनाज मंडी में गेहूं उठान की धीमी गति से आढ़ती परेशान हैं, लाखों कट्टे पड़े होने और भुगतान में ...और पढ़ें

छारा मंडी में गेहूं उठान संकट गहराया (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
छारा मंडी में गेहूं उठान की गंभीर समस्या, आढ़ती परेशान।
आढ़तियों ने डीसी से मिलकर आत्महत्या करने की चेतावनी दी।
डीसी ने दो-तीन दिन में समाधान का आश्वासन दिया है।
जागरण संवाददाता, झज्जर। क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छारा अनाज मंडी में गेहूं उठान की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इस समस्या को लेकर शनिवार को मंडी के आढ़ती जिला उपायुक्त से मिलने पहुंचे।
मुलाकात के बाद मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे मौजूदा स्थिति को देखते हुए आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे। आढ़तियों का कहना है कि मंडी में लाखों कट्टे गेहूं के पड़े हैं, लेकिन उठान न होने के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं।
आढ़तियों ने डीसी को बताया कि अब तक करीब एक लाख कट्टों का ही उठान हो पाया है, जबकि करीब ढाई लाख कट्टे अभी भी मंडी में पड़े हुए हैं। लंबे समय से गेहूं खुले में पड़ा होने के कारण खराब होने लगा है और अब तक करीब एक हजार बैग गेहूं खराब भी हो चुका है।
बातचीत में आढ़तियों ने चिंता जताई कि यदि जल्द ही बारिश हो गई तो नुकसान और अधिक बढ़ जाएगा, जिससे किसानों और आढ़तियों दोनों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यदि दो-तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पहले मुख्यमंत्री से मिलेंगे और वहां भी सुनवाई नहीं हुई तो मंडी में पड़े गेहूं के ढेरों पर आत्महत्या करने जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
जमीन बिकने पर भी नहीं कर पाएंगे भुगतान
आढ़तियों ने यह भी बताया कि गेहूं का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है, जिससे किसानों में भी भारी रोष है। भुगतान में देरी और उठान की धीमी प्रक्रिया के चलते मंडी में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है। अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनकी घर व जमीन बिकने के बाद भी भुगतान पूरा नहीं हो पाएगा।
इधर, यह भी संज्ञान में आया मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने तुरंत डीएफएससी को मौके पर बुलाकर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि अगले दो-तीन दिनों में उठान प्रक्रिया को तेज कर स्थिति को सामान्य किया जाएगा।
ये आढ़ती पहुंचे डीसी से मिलने
डीसी से मिलने वालों में आढ़ती नरेंद्र, मनोज, विरेंद्र, सतीश, सोनू, गोलू और नसीब सहित कई आढ़ती शामिल रहे। उनका कहना है कि इससे पहले भी वे अधिकारियों से मिल चुके हैं। न तो उन्हें गाड़ियां मिल रही है और ना ही उनके गेहूं का भंडारण हो पा रहा है।
