बहादुरगढ़ (झज्जर), जेएनएन। यहां सिरसा एक्‍सप्रेस ट्रेन के चालक ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। बहादुरगढ़ स्टेशन के पास एक रेल फाटक खुला हुआ था और वाहन वहां से गुजर रहे थे। तभी सिरसा एक्‍सप्रेस ट्रेन आ गई। ट्रेन के लोको पायलट (चालक) ने सामने रेलवे ट्रैक पर वाहनों के आती-जाती कतार देखी तो उसके होश उड़ गए। चालक ने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। इससे ट्रेन में सवार कई यात्री नीचे गिरकर जख्मी हो गए। करीब आधे घंटे तक ट्रेन रुकी रही। पीछे आ रही ट्रेनों को भी दूसरे स्टेशनों पर रोकना पड़ा। घटना के बाद लोको पायलेट और गेटमैन के बीच बहस भी हुई।

रेलवे की ओर से की जा रही जांच, किससे हुई गलती अभी साफ नहीं

घटना बुधवार सुबह की है। उस समय सिरसा एक्सप्रेस ट्रेन दिल्ली की तरफ जा रही थी। करीब साढ़े आठ बजे यह बहादुरगढ़ पहुंचने वाली थी। ट्रेन के आने की सूचना के बावजूद बहादुरगढ़ स्टेशन से पहले बराही रेलवे फाटक खुली थी और वहां से वाहन गुजर रहे थे। ट्रेन फाटक के काफी करीब पहुंच गई थी कि चालक ने सामने रेलवे ट्रैक से वाहनों को गुजरते हुए। इससे उसके हाथ-पांव फूल गए।

चालक ने बिना समय गंवाए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। इससे ट्रेन क्रासिंग के पास आकर रुक गई और बड़ा हादसा टल गया। इमरजेंसी ब्रेक लगते ही ट्रेन के अंदर ऊपर की सीटों पर सो रहे कई यात्री नीचे आ गिरे। इससे उन्हें चोट भी लगीं। उधर, इस घटना की सूचना कुछ ही मिनट में रेलवे मुख्यालय तक पहुंच गई। ट्रेन को यहां से नौ बजे के बाद रवाना किया गया। वहीं पीछे आ रही जाखल पैसेंजर को करीब 25 मिनट तक आसौदा स्टेशन पर रोका गया।

----------

मामला उलझा, आखिर गलती किसकी

बताया जा रहा है कि गेटमैन ने फाटक बंद करने के लिए मैसेज न मिलने की बात कही। वहीं लोको पायलट ने पीछे से सिग्नल मिलने के बाद ही ट्रेन अंदर लाने की बात कही। इधर, स्टेशन मास्टर की तरफ से बताया गया कि जब तक फाटक बंद नहीं होती, सिग्नल देने का सवाल ही नहीं। ऐसे में लोको पायलट को बिना सिग्नल देखे ट्रेन अंदर लाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ऐसे में मामला उलझ गया कि आखिर इस पूरी घटना के लिए किसकी गलती रही।

---------

  '' इस बारे में रेलवे के उच्चाधिकारी ही स्थिति साफ कर सकते हैं। इस मामले में कुछ भी कहने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं।

                                                                                 - बीएस मीणा, रेलवे स्टेशन अधीक्षक, बहादुरगढ़।

Posted By: Sunil Kumar Jha