जागरण संवाददाता, झज्जर : धीरे-धीरे डीएपी की उपलब्धता भी किसानों के लिए होने लगी है। हालांकि, सरसों की बिजाई करने वाले किसान लगभग बिजाई कर चुके हैं। वहीं, कुछेक बचे हुए हैं, जो पछेती ही बिजाई कर पाएंगे। अब डीएपी की उपलब्धता भी बढ़ने लगी है। जिला की बात करें तो अभी तक 3390 एमटी खाद झज्जर पहुंची है, जबकि जिले को करीब 13 हजार एमटी खाद की आवश्यकता होती है। लेकिन, अभी तक काफी कम खाद पहुंच पाई है। इसमें से 100 एमटी (दो हजार बैग) डीएपी खाद वीरवार को पहुंचे। आवश्यकता अनुसार तो डीएपी उपलब्ध नहीं हो पाई है, जिस कारण किसानों की भीड़ भी देखने को मिल रही है। फिलहाल जिले के खरीद केंद्रों पर करीब 150 एमटी खाद बची हुई है। इनमें से 50 एमटी खाद पहले की व 100 एमटी खाद वीरवार को पहुंची है।

फिलहाल अधिकतर किसान सरसों की बिजाई के लिए ही डीएपी खरीदने के लिए आए हैं। जब गेहूं की बिजाई शुरू होगी तो किसानों की आवश्यकता व संख्या भी बढ़ जाएगी। पिछले वर्ष की बात करें तो करीब 30 हजार 796 हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की गई थी। वहीं इस बार बिजाई एरिया बढ़ने की उम्मीद है। पिछले वर्ष जिले में 1 लाख 1 हजार 651 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की थी। सरसों बिजाई एरिया कम होते हुए भी डीएपी के लिए काफी मारामारी रही है। ऐसे में गेहूं बिजाई के दौरान और भी अधिक दिक्कत हो सकती है। इसके लिए विभाग डीएपी की मांग करते हुए उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा है।

-जिला गुणवत्ता नियंत्रक जसबीर सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में 3390 एमटी डीएपी खाद पहुंची है। वहीं करीब 150 एमटी खाद अभी भी उपलब्ध है। किसानों को समय पर खाद मिले इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही खाद पहुंचती है तो उसे खरीद केंद्रों पर भेजकर किसानों को उचित ढंग से बिक्री करने के लिए कहा जाता है।

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