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झज्जर की मंडियों में धान की प्राइवेट खरीद जारी, 1121 के भाव 100 रुपये प्रति क्विंटल गिरे

Published: Sat, 24 Oct 2026 03:50 PM (IST)

झज्जर की मंडियों में धान की निजी खरीद जारी है, जबकि बाजरे की आवक अंतिम चरण में पहुंच गई है और तीन लाख क्विंटल से अधिक बाजरा आ चुका है।

झज्जर की मंडियों में धान की प्राइवेट खरीद जारी (फाइल फोटो)

झज्जर की मंडियों में धान की प्राइवेट खरीद जारी (फाइल फोटो)


HighLights

  1. झज्जर, बेरी, मातनहेल मंडियों में धान की निजी खरीद जारी।

  2. बाजरे की आवक तीन लाख क्विंटल पार, अब अंतिम चरण में।

  3. 1121 धान के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल गिरावट।

जागरण संवाददाता, झज्जर। अनाज मंडियों में धान की विभिन्न किस्मों की प्राइवेट खरीद जारी है। झज्जर, बेरी और मातनहेल की मंडियों में व्यापारी किसानों से धान की खरीद कर रहे हैं।

वहीं, बाजरे की आवक अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। जिले की मंडियों में अब तक तीन लाख क्विंटल से अधिक बाजरा पहुंच चुका है। खेतों में बाजरे की कटाई और निकासी का कार्य लगभग पूरा होने के चलते मंडियों में इसकी आवक धीमी पड़ गई है।

दूसरी ओर, धान की विभिन्न किस्मों के भाव में अंतर देखने को मिल रहा है। खासकर 1121 किस्म के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है।

तीन मंडियों में धान की प्राइवेट खरीद जारी 

जिले की झज्जर, बेरी और मातनहेल अनाज मंडियों में धान की खरीद निजी व्यापारियों द्वारा की जा रही है। मंडियों में किसान अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं और किस्म व गुणवत्ता के आधार पर उन्हें भाव मिल रहे हैं। धान की अलग-अलग किस्मों के दाम में अंतर होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने से पहले भाव की जानकारी लेना भी जरूरी हो गया है।

1121 धान के भाव में रही गिरावट 

मंडी में 1121 किस्म का धान 100 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। इस किस्म की खरीद 5000 से 5300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर हुई। वहीं, 1692 और 1509 किस्म के धान का भाव मशीन से निकाली गई फसल के लिए 4000 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

हाथ से झड़ाई किए गए धान का भाव करीब 4450 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसके अलावा 1718 किस्म के हाथ से झड़ाई किए गए धान की खरीद 4800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर हुई। अलग-अलग किस्मों और झड़ाई के तरीके के अनुसार मिल रहे भाव से मंडियों में धान का कारोबार जारी है।

बाजरे की आवक धीमी, तीन लाख क्विंटल पार पहुंचा आंकड़ा 

जिले की मंडियों में बाजरे की आवक अब अंतिम चरण में है। अब तक तीन लाख क्विंटल से अधिक बाजरा मंडियों में पहुंच चुका है। खेतों में नाममात्र का बाजरा बिना निकला बचा होने के कारण मंडियों में नई आवक की रफ्तार धीमी हो गई है। सीजन के अंतिम दौर में पहुंचने के साथ अब बाजरे की आवक में और कमी आने की संभावना है।

धान की प्राइवेट खरीद और बाजरे की घटती आवक के बीच किसानों की नजर फसलों के भाव पर बनी हुई है। धान की किस्म, गुणवत्ता और झड़ाई के तरीके के अनुसार कीमतों में अंतर मिल रहा है। ऐसे में किसानों के लिए मंडी में प्रचलित भाव की जानकारी लेकर उपज बेचने का निर्णय लेना महत्वपूर्ण है। वहीं, बाजरे की आवक अंतिम चरण में पहुंचने से मंडियों में अब धान की खरीद गतिविधियां प्रमुख रूप से जारी हैं। -विनोद पूनिया, प्रधान, अनाज मंडी, झज्जर।