जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : शहर की आबोहवा में प्रदूषण का जहर फिर बढ़ता ही जा रहा है। दो दिनों तक बारिश की उम्मीद थी, मगर हुई नहीं। ऐसे में एयर क्वालिटी इनडेक्स में पीएम 2.5 का स्तर बढ़कर शुक्रवार को 400 माइक्रोग्राम के करीब पहुंचा गया। इससे आंखों में जलन और सांसों में घुटन बढ़ गई। सड़कों पर वाहन कम होने के बावजूद 24 घंटों में हालात और बिगड़ गए।

पिछले चार दिनों से हवा की गति मंद है। ऐसे में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को पीएम 2.5 का स्तर 368 माइक्रोग्राम था। शुक्रवार को यह बढ़कर 390 के लेवल पर पहुंच गया। इससे दिन भर में स्मॉग के कारण आंखों में जलन और सांसों में घुटन महसूस हुई। बाइक सवारों और पैदल राहगीरों में से काफी लोग फिर से मास्क पहने नजर आए। दीवाली के बाद से पीएम 2.5 का स्तर अधिकतम 475 के लेवल पर पहुंचा था। नवंबर के पहले सप्ताह में यह कुछ कम हुआ, मगर उसके बाद से ही 200 से अधिक है और अब 400 के नजदीक पहुंचा हुआ है। 14 व 15 नवंबर को बारिश की उम्मीद थी, मगर ऐसा नहीं हुआ। सामान्य तौर पर पीएम 2.5 का लेवल 50 माइक्रोग्राम तक रहना चाहिए। अभी राहत के आसार नहीं :

प्रदूषण से अभी राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। प्रदूषण के चलते ही क्षेत्र के अधिकतर स्कूल दो दिनों तक बंद भी रहे। इन दो दिनों में बारिश की संभावना भी स्टीक साबित नहीं हुई। हालांकि आसमान में बादल तो छाए, लेकिन बारिश की एक बूंद न गिरी। इससे धुआं और धुंध से मिलकर बने स्मॉग की चादर बिछी रही। शुक्रवार को प्रदूषण बढ़ने के कारण ही ²श्यता भी कम रही। ऑड-ईवन का आखिरी दिन होने के कारण सड़कों पर वाहन भी कम थे, उसके बावजूद पीएम 2.5 का लेवल बढ़ गया। अगले कई दिनों तक बारिश के आसार नहीं है। मौसम शुष्क रहेगा। ऐसे में चिता यह है कि बिना बारिश और तेज हवा के प्रदूषण कैसे कम होगा?

Posted By: Jagran

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