मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, झज्जर : वर्ष 2014 में केंद्र की सरकार बने अभी कुछ ही समय हुआ था। सूबे में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राम बिलास शर्मा की अगुवाई में यात्रा निकाली जा रही थी। तत्कालीन समय में जिला के पाहसौर गांव से संबंध रखने वाले एक उप-राजदूत पर विभागीय स्तर जब कुछ आरोप लगे तो मामला गांव तक आ पहुंचा। गांव के बेटे को न्याय दिलाने की मांग करते हुए ब्राह्मण शक्ति संघ के अध्यक्ष केडी शर्मा की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने राम बिलास शर्मा के साथ दिल्ली स्थित विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निवास पर मुलाकात की। हरियाणा से सुषमा के स्नेह का पता इस बात से भी चलता है कि सुबह 7 बजे यह प्रतिनिधिमंडल उनके घर पहुंच गया था। जहां उन्होंने परिवार के सदस्य की तरह सभी से मुलाकात की और आश्वस्त करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष होगी। विदेश सचिव को दिए गए निर्देश के बाद पुन: मामले में जांच बैठाइ गई, जिसे उन्होंने स्वयं मॉनीटर किया। जांच में उप-राजदूत आरोप मुक्त हो गए। जिसके बाद वे राजदूत के पद पर पदोन्नत होकर सेवा निवृत हुए। सुषमा स्वराज के निधन के समाचार पर गांव पाहसौर से जुड़ी उनकी यादों को ताजा कर दिया। जिसमें उनकी मदद से एक उप-राजदूत को न्याय मिल पाया।

Posted By: Jagran

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