जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़:

ग्रेप अवधि में शहर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। खुले में कूड़ा जलने की घटनाओं व सड़कों पर उड़ती धूल के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। रविवार को पीएम 2.5 का स्तर 350 को भी पार कर गया है। प्रदूषण का यह स्तर अब आमजन के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में ईपीसीए की ओर से आगामी कुछ दिनों बाद सख्ती बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल ईपीसीए की ओर से बहादुरगढ़ में 15 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) तो लगा रखा है लेकिन उसके तहत अब तक एक भी रोक नहीं लगाई गई है। मगर लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर से ईपीसीए व प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी काफी चितित हैं। अगर प्रदूषण के स्तर में निरंतर ऐसे ही वृद्धि रही तो यहां पर डीजल जनरेटर के चलाने पर रोक के अलावा अन्य रोक भी लगाई जा सकती हैं। 70 से ज्यादा जगह पड़ा मिला कूड़ा, बोर्ड की ओर से दिया नोटिस:

शहर में 70 से ज्यादा जगहों पर कूड़ा प्रदूषण बोर्ड की टीम को मिला था। यह कूड़ा कई स्थानों पर ही यू हीं जला दिया जाता है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है। वहीं कुछ स्थानों पर इस कूड़े से गंदगी बढ़ती है। ऐसे में प्रदूषण बोर्ड ने नप को नोटिस दिया था कि जहां-जहां पर कूड़ा पड़ा है उसका उठान किया जाए और साफ-सफाई दुरुस्त रखी जाए। वहीं सड़कों पर पानी का छिड़काव भी निरंतर किया जाए ताकि धूल ना उड़े। वर्जन..

प्रदूषण का स्तर बढ़ना हमारे लिए चिता का कारण है। अगर यह लेवल ऐसे ही बढ़ता रहा तो ग्रेप में सख्ती भी बढ़ जाएगी। उनकी ओर से प्रदूषण का स्तर कम रखने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य विभागों के साथ-साथ आमजन को भी इसमें सहयोग करना होगा।

---संदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।

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