जागरण संवाददाता, झज्जर : मौजूदा समय में सब्जी मंडियों में उत्पादों की लागत कम होने की वजह से क्षेत्र के किसानों की सब्जियों के दाम पिट गए है। एक सप्ताह पहले तक 200 रुपये किलो में बिकने वाला नींबू 60 रूपये किलोग्राम तक बिक रहा है। जबकि, दिल्ली से यह 40 रुपये किलो में आ रहा है। ठीक ऐसा ही स्थानीय सब्जियों के साथ देखने को मिल रहा है। टमाटर के दाम पिटने की वजह से किसान उसे अपने घर वापिस ले जा रहे हैं। कुल मिलाकर, इन दिनों में लॉकडाउन का प्रतिकूल असर किसान की जेब पर पड़ने लगा है। इधर, मंडी में बगैर मास्क सामान बेच रहे लोगों पर पुलिस ने सख्ती का डंडा चलाया। लापरवाही दिखा रहे लोगों के चालान भी काटे गए। जिससे अफरा तफरी का माहौल भी बना। पिछले साल सूरजगढ़ के टमाटर की थी पूरी डिमांड

अगर पिछले साल की बात करें तो लॉकडाउन के समय में ग्रामीण आंचल से किसानों ने कारोबार की एक नई राह तैयार की थी। विशेष तौर पर सूरजगढ़ का टमाटर किसानों ने खूब बढि़या दामों पर बेचा था। जबकि, इस साल टमाटर की फसल अच्छी है। शादी ब्याह के सावे भी है। लेकिन, दाम नहीं है। क्योंकि, मंडी भी ढंग से नहीं लग पा रही। दूसरा, शादी ब्याह में बारातियों की संख्या मात्र 11 तक रहने की वजह से अब सामान की डिमांड काफी कम हो गई है। रेस्टोरेंट, होटल सहित अन्य फूड कॉर्नर आजकल चल नहीं रहे। कुल मिलाकर बनी इस परिस्थिति में मंडी में आने वाले उत्पादों के दाम भी पिट गए है। इधर, नींबू के दाम कम होने से बेशक ही लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले सप्ताह तक की बात करें तो 200 रुपये किलो ग्राम तक नींबू बिका था। लेकिन, मौसम में आए बदलाव और डिमांड में आई कमी की वजह से अब दाम पिटने लगे हैं। ऐसा ही हाल मंडी में अन्य सब्जियों का भी देखने को मिल रहा है।

मंडी में लापरवाही करने वालों पर दिखा सख्ती का डंडा

सब्जी मंडी में लापरवाही करने वालों पर पुलिस का अब खूब डंडा चल रहा है। कारण कि अगर लापरवाही इसी तरह चलती तो मंडी में आने वाले ग्राहक आने वाले समय में सुपर स्प्रेडर का काम कर सकते हैं। क्योंकि, इन दिनों में ईंट-भट्ठा पर काम करने वाले मजदूर भी बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पर खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। खास तौर पर सिलानी गेट क्षेत्र में ग्राहकों की बढ़ी हुई भीड़ में धारा 144 टूटती हुई दिख रही है।

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