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हरियाणा के झज्जर सेक्टर-9 के पार्कों का होगा कायाकल्प, 1.58 करोड़ रुपये से बढ़ाई जाएगी हरियाली

Published: Sat, 19 Sep 2026 01:51 PM (IST)

झज्जर के सेक्टर-9 में 1.58 करोड़ रुपये की लागत से छह पार्कों का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

झज्जर: शहर के सेक्टर नौ में पार्कों को विकसित करने के लिए चल रहा काम। जागरण

झज्जर: शहर के सेक्टर नौ में पार्कों को विकसित करने के लिए चल रहा काम। जागरण


HighLights

  1. झज्जर सेक्टर-9 के छह पार्कों का 1.58 करोड़ से होगा विकास

  2. एचएसवीपी ने रफ कास्ट एस्टीमेट और डीएनआईटी तैयार किया

  3. बागवानी, बाउंड्री वॉल, खेल उपकरण लगाए जाएंगे

जागरण संवाददाता, झज्जर। शहर के सेक्टर-9 के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण की उठ रही मांग अब धरातल पर उतरने जा रही है।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-9 पार्ट-ए और पार्ट-बी में स्थित छह पार्कों के कायाकल्प के लिए रफ कास्ट एस्टीमेट और डीएनआईटी तैयार कर लिया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे पार्कों में बागवानी, बाउंड्री वाल, ग्रिल फेंसिंग, गार्डन बेंच और बच्चों के लिए खेल उपकरण लगाए जाएंगे।

पार्ट-ए और पार्ट-बी के लिए बजट का ब्योरा 

एचएसवीपी के एसडीओ देवेंद्र ने बताया कि सेक्टर-9 पार्ट-ए के पार्कों के विकास के लिए 82.57 लाख रुपये का अनुमानित बजट रखा गया है। इसमें टो वॉल व ग्रिल फेंसिंग के लिए 49.92 लाख, हार्टिकल्चर (बागवानी) कार्यों के लिए 9.94 लाख तथा गार्डन बेंच व बच्चों के खेल उपकरणों के लिए 5.71 लाख रुपये का प्रावधान है।

वहीं पार्ट-बी के लिए 76.25 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है, जिसमें 52.03 लाख रुपये का डीएनआईटी और 3.24 लाख रुपये बेंच व खेल सामग्री के लिए प्रस्तावित हैं।

सड़कों के किनारे भी लहलहाएगी हरियाली

पार्कों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ सेक्टर की मुख्य सड़कों के दोनों ओर हरियाली बढ़ाने की भी विशेष योजना है। इसके तहत व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा और पौधों को मवेशियों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड लगाए जाएंगे। इस कार्य के लिए अलग से 76.21 लाख रुपये का रफ कास्ट एस्टीमेट और 45.94 लाख रुपये का डीएनआईटी तैयार किया गया है।

15 साल बाद जगी उम्मीद, सुरक्षा को लेकर गश्त की मांग अब भी पेंडिंग

वर्ष 2011 में विकसित हुए इस सेक्टर के निवासी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं और पार्कों की बदहाली को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। सेक्टर-9 के प्रधान सोमबीर जाखड़, रामफल, सतीश कुमार, समुद्र सिंह, सुखबीर सिंह और राजपाल ने बताया कि सरकारी उपेक्षा के चलते सेक्टरवासियों ने निजी स्तर पर चंदा जुटाकर चौधरी छोटूराम द्वार का निर्माण करवाया था।

अब 15 साल बाद पार्कों के विकास की योजना से सेक्टर के बुनियादी ढांचे में सुधार की उम्मीद जगी है। हालांकि, ग्रामीणों और सेक्टरवासियों ने यह भी याद दिलाया कि सेक्टर में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग सालों से पेंडिंग पड़ी है, जिस पर प्रशासन को तुरंत ध्यान देना चाहिए।