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हरियाणा में खरीफ फसल की बुआई का समय नजदीक, झज्जर में किसानों को डराने लगा DAP का संकट

Published: Sat, 26 Sep 2026 03:34 PM (IST)

खरीफ फसल की बुआई नजदीक आने पर झज्जर के बादली, छारा और देवरखाना पैक्स में डीएपी खाद की किल्लत हो ...और पढ़ें

डीएपी के लिए किसान प्रतिदिन पैक्स कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर।

डीएपी के लिए किसान प्रतिदिन पैक्स कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर।

HighLights

  1. बादली, छारा, देवरखाना पैक्स में डीएपी खाद की कमी।

  2. किसान पैक्स के चक्कर काट रहे, नुकसान का डर।

  3. किसानों ने की प्रशासन से जल्द डीएपी आपूर्ति की मांग।

संवाद सूत्र, बादली (झज्जर)। हरियाणा में खरीफ फसल की बुआई का समय नजदीक आते ही झज्जर जिले के किसानों को डीएपी खाद की किल्लत सताने लगी है। बादली, छारा और देवरखाना स्थित प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) में फिलहाल डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण किसान प्रतिदिन पैक्स कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

किसानों का कहना है कि बुवाई के समय यदि समय पर खाद नहीं मिली तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि, पैक्स प्रबंधकों द्वारा मुख्यालय को डीएपी की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन आपूर्ति का इंतजार बना हुआ है।

बादली पैक्स में 500 बैग आते ही बिके

बादली पैक्स के मैनेजर वजीर सिंह ने बताया कि मुख्यालय को 4,000 बैग डीएपी की मांग भेजी गई थी। इसके एवज में महज 500 बैग की खेप प्राप्त हुई थी, जो तुरंत किसानों को वितरित होने के बाद समाप्त हो गई।

वर्तमान में केवल 1,200 बैग यूरिया का ही स्टाक बचा है। बादली पैक्स से बादली, खेड़ी जट्ट, एमपी माजरा, लाडपुर, सुहरा, जहांगीरपुर, बामडोला, कुकडोला, मुनीमपुर, गुभाना, माजरी, पेलपा, सौंधी और निमाना सहित करीब 15 गांवों के किसान जुड़े हुए हैं।

छारा पैक्स में एनपीके उपलब्ध, डीएपी का इंतजार

छारा पैक्स के मैनेजर विजय ने बताया कि छारा, मांडोठी, महराना, रेवाड़ी खेड़ा, अगरपुर, मातन और शादपुर गांवों के किसान इस पैक्स पर निर्भर हैं। यहां पर वर्तमान में 410 बैग एनपीके खाद उपलब्ध है, लेकिन किसान मुख्य रूप से डीएपी की मांग कर रहे हैं। डीएपी की डिमांड भेजी जा चुकी है, लेकिन आपूर्ति अभी तक नहीं हुई है।

देवरखाना पैक्स में भी नहीं है डीएपी

देवरखाना पैक्स के मैनेजर विजय ने बताया कि बाढ़सा, देवरखाना, दरियापुर, लगरपुर, लोहट, इस्माइलपुर और मुंडाखेड़ा सहित आठ गांवों के किसानों को यहां से खाद दी जाती है। पैक्स में यूरिया और एनपीके का स्टाक तो मौजूद है, परंतु डीएपी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए 1,000 बैग डीएपी की मांग भेजी गई है।

किसानों ने उठाई जल्द खाद आपूर्ति की मांग

किसान महेंद्र गुलिया, नरेंद्र गुलिया, सत्येंद्र सिंह, रविंद्र लोहचब, जयपाल सिंह, कर्मबीर सिंह और मंजीत कुमार ने कहा कि खरीफ सीजन में बुवाई के समय डीएपी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। प्रशासन को समय रहते पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए थी। किसानों ने मांग की है कि तीनों पैक्सों में जल्द से जल्द डीएपी की खेप भिजवाई जाए ताकि उन्हें खाद के लिए भटकना न पड़े।