हरियाणा में बाजरे की फसल पककर तैयार, कटाई शुरू; मंडियों में जल्द बढ़ेगी आवक
झज्जर जिले में बदलते मौसम के कारण बाजरे की फसल तेजी से पकने लगी है, जिसके चलते किसानों ने कटाई और कड़ाई का कार्य शुरू कर दिया है।

झज्जर में बाजरे की फसल पककर तैयार, कटाई शुरू (फाइल फोटो)
HighLights
झज्जर में बाजरे की फसल पकने लगी, कटाई शुरू
60 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में बाजरे की बिजाई
सितंबर अंत तक मंडियों में बाजरे की आवक बढ़ेगी
जागरण संवाददाता, झज्जर। जिले में इन दिनों मौसम के मिजाज में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी आसमान में बादल छाने तो कभी दिन के समय निकल रही तेज धूप के कारण बाजरे की फसल तेजी से पककर तैयार होने लगी है। इस बदलते मौसम का असर खेती-किसानी के साथ-साथ आमजन के स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। जिले के रेतीले क्षेत्रों में किसानों ने बाजरे की कटाई और कड़ाई का काम शुरू कर दिया है।
कृषि विभाग के अनुसार, इस बार जिले में 60 हजार एकड़ से अधिक भू-भाग पर बाजरे की बिजाई हुई है। दिन में निकल रही तेज धूप से बाजरे की बालियां जल्दी पक रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में कटाई का काम और जोर पकड़ेगा। किसानों ने फसल की कटाई के साथ ही उसे सुखाकर अनाज मंडियों तक पहुंचाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह तक मंडियों में बाजरे की आवक में तेजी आ जाएगी।
सेहत पर भी पड़ रहा असर
मौसम में आ रहे इस बदलाव के कारण दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक का अहसास हो रहा है। तापमान के इस उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी और वायरल बुखार जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
चिकित्सकों ने इस दौरान स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उधर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डा. जगजीत सांगवान ने बताया कि बदलता मौसम फसल की कटाई और उसे सुरक्षित रखने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण बना हुआ है। किसान बाजरे की कटाई का कार्य तेज कर रहे हैं और उन्हें सलाह दी जा रही है कि फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं।
