जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम निदेशालय की ओर से सूक्ष्म व लघु उद्यमियों के भुगतान संबंधित मुद्दों व अन्य संबंधित सुविधा के लिए सरकार विलंबित भुगतान विवाद का निपटान करने में सक्रिय सहयोग दे रही है। एमएसएमई योजना के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों के मुद्दों का विलंबित भुगतान विवादों का निपटान करने के लिए पूरी योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं और आनलाइन सेवा से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। एसडीएम हितेंद्र कुमार ने बताया कि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी अपनी समस्याओं का एमएसएमई समाधान पोर्टल पर दर्ज करवाते हुए समाधान करवा सकते हैं। सूक्ष्म, लघु व मध्यम विकास अधिनियम 2006 का अध्याय पांच सूक्ष्म उद्यमों को खरीददारों से उनके विलंबित भुगतान की वसूली के लिए सुविधा प्रदान करता है। विलंबित भुगतान मामलों के शीघ्र निपटान के लिए हरियाणा सूक्ष्म और लघु उद्यम परिषद सुलह और मध्यस्थता के माध्यम से मामलों का समयबद्ध निर्णय प्रदान करती है। यदि सूक्ष्म व लघु उद्यमी को सामान या सेवाओं के लिए समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है तो कानूनी सहायता के लिए परिषद से संपर्क करके आरबीआइ द्वारा अधिसूचित बैंक दर की तीन गुणा चक्रवृद्धि ब्याज के साथ अपना भुगतान पा सकते हैं। एसडीएम ने बताया कि एमएसएमई पोर्टल पर अपना दावा दर्ज करें और उसके 15 दिनों के बाद फार्म-एक, उद्यम पंजीकरण प्रमाण-पत्र और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज की हार्ड कापी जमा करें। डिमांड ड्राफ्ट, एनईएफटी, आरटीजीएस के माध्यम से 3500 रुपये का शुल्क जमा करें। अधिक जानकारी के लिए एमएसएमई निदेशालय, सी-3, तीसरी मंजिल, एचएसवीपी कांप्लेक्स, सेक्टर- 6, पंचकुला पर संपर्क किया जा सकता है या निदेशालय की ई-मेल व दूरभाष नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

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