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झज्जर में सांपों का खौफ, 17 दिनों में 37 लोग सर्पदंश के शिकार; गांवों में दहशत का माहौल

Published: Mon, 17 Aug 2026 03:56 PM (IST)

झज्जर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, पिछले 17 दिनों में 37 लोग इसका शिकार हुए हैं।

झज्जर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश का खतरा तेजी से बढ़ रहा है (प्रतीकात्मक फोटो)

झज्जर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश का खतरा तेजी से बढ़ रहा है (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. झज्जर में 17 दिनों में 37 लोग सर्पदंश के शिकार।

  2. गर्मी बढ़ने से सांप ठंडे स्थानों की तलाश में बाहर।

  3. सर्पदंश पर तुरंत अस्पताल जाएं, झाड़-फूंक से बचें।

जागरण संवाददाता, झज्जर। गर्मी के मौसम में झज्जर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ताजा घटनाक्रम में झज्जर निवासी योगेश और सिलानी निवासी हरज्ञान सिंह सांप के डसने से पीड़ित हो गए।

दोनों को तुरंत उपचार के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। सिलानी निवासी हरज्ञान सिंह अपने धान के खेत में जा रहे थे, तभी रास्ते में सांप ने उन्हें डस लिया।

17 दिनों में 37 लोग बने शिकार

क्षेत्र में सांपों के निकलने और लोगों को डसने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले 17 दिनों के भीतर ही 37 लोग सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में लगातार आ रहे इन मामलों से ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, तापमान में बढ़ोतरी के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर ठंडे स्थानों की तलाश करते हैं। इस दौरान वे अकसर घरों, खेतों, पशु बाड़ों और कबाड़ के सामान में छिप जाते हैं। गांवों में लोगों का खेतों और खुले स्थानों पर आना-जाना अधिक होने के कारण सर्पदंश की आशंका बनी रहती है।

विशेषज्ञों की सलाह और बचाव के उपाय

- रात के समय खेतों या खुले स्थानों पर निकलते समय टार्च का इस्तेमाल जरूर करें।

- घरों और पशु बाड़ों के आसपास सफाई रखें।

- लकड़ी, पत्थर या कबाड़ के ढेर को बिना सावधानी के न हटाएं।

- सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं।

-पीड़ित को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं ताकि चिकित्सकों द्वारा समय पर इलाज देकर जान बचाई जा सके।