जागरण संवाददाता, झज्जर : जिला जेल व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के साझा अभियान प्रोजेक्ट ग्रीन पेपर के सुचारु क्रियान्वन के लिए एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अंकिता शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें सभी कार्यालयों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे । एडीसी जगनिवास ने कहा कि एकत्रित होने का उद्देश्य सभी विभागाध्यक्षों को कागज बनाने की प्रक्रिया के माध्यम से यह बताना था कि कागज बनाने में पेड, पानी व केमिकल्स का उपयोग होता है जिसका दुष्प्रभाव हमारे पर्यावरण पर पड़ता है। कागज बनाने की प्रक्रियाओं को समझाने के लिए एके दत्ता फैकल्टी इडियन इंस्टियूट आफ पेकेजिग को वर्चूयल रूप से आमन्त्रित किया था, जिन्होंने कागज बनने की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया व कागज की रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।

एडीसी जगनिवास व डालसा सचिव अंकिता शर्मा ने प्रोजेक्ट ग्रीन पेपर के विषय में सभी विभागाध्यक्षों को अवगत कराते हुए बताया कि प्रोजेक्ट का उद्देश्य सरकारी विभागों द्वारा जनित बेकार कागजों का रीसाइकिल करके दोबारा उपयोग में लाना व कर्मचारियों को कागज के सदुपयोग के विषय में जागरूक करना है। इसके साथ ही जेल में कैदियों व बंदियों को कागज बनाना, सिखाना व जेल में फाइल बनाने की प्रक्रिया को इससे जोड़ना है । अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास व डालसा सचिव अंकिता शर्मा ने सभी विभागाध्यक्षों से आह्वान किया कि वे उनके विभाग में जनित होने वाले बेकार कागजों को एकत्रित करें जिससे कि वेस्ट पेपर को रीसाइक्लिंग के लिए जिला जेल झज्जर भेजा जा सके। सभी विभागाध्यक्षों ने आश्वासन दिया कि उनके विभाग में जनित होने वाले वेस्ट पेपर को रीसाइक्लिंग के लिए भेज दिया जाएगा । इस बैठक का आयोजन विश्व प्राकृतिक संरक्षण दिवस के दिन विशेष रूप से प्रकृति संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया ।

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