जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : शहर के सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा के लिए कवायद तेज कर दी गई है। तीन वेंटिलेटर बेड स्थापित हो चुके हैं। फिलहाल डाक्टरों को ट्रेनिग दिलवाई जा रही है। ऐसे में जल्द ही यहां पर यह सुविधा मिलने लगेगी। उसके बाद मरीजों को यहां से रेफर करने की मजबूरी नहीं होगी।

दरअसल, इस अस्पताल को 200 बेड का दर्जा तो काफी दिन पहले मिल चुका है, मगर अभी तक वेंटीलेटर की सुविधा यहां पर नहीं है। ऐसे में कोरोना मरीजों की तकलीफ बढ़ने पर उन्हें यहां से रेफर करना पड़ता है। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए यहां पर वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी तो कई माह पहले यहां के लिए छह वेंटिलेटर बेड भेजे गए। उसके बाद से ही इनको स्थापित करने और आइसीयू कक्ष बनाने का काम चल रहा है। ट्रेनिग पर भेजे गए डाक्टर :

मरीजों को वेंटिलेटर पर रखने के लिए ट्रेंड डाक्टर चाहिए। ऐसे में यहां पर जो बेहोशी के डाक्टर हैं उनको ट्रेनिग दिलवाई जा रही है। एक डाक्टर ट्रेंड हो चुके हैं। बाकी दो की ट्रेनिग चल रही है। इसके साथ ही शेष तीन वेंटिलेटर बेड को स्थापित करने का काम चल रहा है। अस्पताल में बढ़ाए गए हैं ऑक्सीजन सिलेंडर :

कोरोना मरीजों को तकलीफ बढ़ने पर सांस लेने में ही दिक्कत होती है। ऐसे में पहले तो उन्हें सामान्य तौर पर आक्सीजन दी जाती है। ज्यादा दिक्कत पर वेंटिलेटर पर रखना पड़ता है। यहां पर प्राथमिक रूप से ऑक्सीजन की सुविधा तो है। मगर अभी तक यहां पर सिलेंडर कम थे। इसलिए इनकी संख्या बढ़ाई गई है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा छोटे और बड़े दोनों साइज के आक्सीजन सिलेंडर खरीदे गए हैं। वर्जन..

अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के क्रम में वेंटिलेटर व्यवस्था पर तेजी से काम चल रहा है। इसके लिए डाक्टर भी ट्रेंड चाहिए। जल्द ही यह व्यवस्था हो जाएगी।

--डा. प्रदीप शर्मा, पीएमओ, सिविल अस्पताल

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