जागरण संवाददाता, झज्जर:

जिलाधीश एवं उपायुक्त सोनल गोयल ने धान की पराली जलाने की प्रवृति पर रोक लगाने के लिए जिले में निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए है। आगामी दो माह के लिए जारी आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी तथा उप निदेशक कृषि जवाबदेह होंगे।

जिलाधीश ने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला में धान की पराली जलाने पर रोक लगा दी है। यह आदेश आगामी दो माह 6 नवंबर तक प्रभावी रहेंगे। उन्होंने बताया कि धान की पराली जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है, जमीन की उर्वरा कम होती है और इंसान के शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। खेत में पराली जलाने से वायुमंडल में आक्सीजन की कमी भी होती है साथ ही खेत में अगली फसल के उत्पादन में कमी आती है। ऐसे में किसानों को धान की पराली जलाने की प्रवृति से बचना चाहिए।

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