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झज्जर में निकासी का बंदोबस्त न होने से बर्बाद होने की कगार पर 500 एकड़ फसल, किसानों ने सरकारी विभागों के खिलाफ खोला मोर्चा

Published: Tue, 18 Aug 2026 02:57 PM (GMT+05:30)

झज्जर के ढराणा गांव में जलभराव से 500 एकड़ फसल बर्बादी की कगार पर है, क्योंकि ड्रेन नंबर 8 पर ...और पढ़ें

झज्जर में निकासी का बंदोबस्त न होने से बर्बाद होने की कगार पर 500 एकड़ फसल (फोटो: जागरण)

झज्जर में निकासी का बंदोबस्त न होने से बर्बाद होने की कगार पर 500 एकड़ फसल (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. ढराणा में 500 एकड़ फसल जलभराव से बर्बाद होने की कगार पर।

  2. ड्रेन नंबर 8 पर मोटर पंप न होने से पानी निकासी बाधित।

  3. सिंचाई और बिजली विभाग की लापरवाही से किसान परेशान, समाधान की मांग।

जागरण संवाददाता, झज्जर। गांव ढराणा और इसके आसपास के इलाकों में बरसात के पानी की समुचित निकासी न होने के कारण किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल तबाही के मुहाने पर पहुंच गई है। विशेष रूप से ढराणा से दुबलधन रोड और ढराणा से चिमनी रोड से लगे कृषि क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

मामले को लेकर कैप्टन सुरेंद्र अहलावत ने बताया कि गांव में ड्रेन नंबर 8 पर जल निकासी के लिए संप तो बना हुआ है, लेकिन उसमें मोटर पंप न रखे जाने से खेतों में भरा पानी नहीं निकल पा रहा है।

इस संबंध में वे 10 अगस्त से लगातार सिंचाई विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग के जेई , एसडीओ, कार्यकारी अभियंता और अधीक्षण अभियंता तक को स्थिति से अवगत कराया, परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है।

विभागों की ढिलाई से अटका बिजली कनेक्शन

कैप्टन सुरेंद्र अहलावत ने बिजली निगम पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि ड्रेन पर बने संप के लिए बिजली कनेक्शन हेतु काहनौर बिजली विभाग के जेई, एसडीओ कलानौर, कार्यकारी अभियंता रोहतक और एसई रोहतक से संपर्क किया था। हालांकि सिंचाई और बिजली विभाग के बीच आपसी तालमेल और कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण अब तक अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी नहीं हो सका है।

इधर, किसानों का कहना है कि करीब 500 एकड़ में खड़ी फसल पानी में डूबकर सड़ने की कगार पर है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर यहां ध्यान नहीं दिया जा रहा। उनके मुताबिक, हालात इतने चिंताजनक हैं कि अभी तक सिंचाई विभाग का कोई जेई मौके पर जलभराव की स्थिति का जायजा लेने तक नहीं आया है।

पीड़ित किसानों ने शासन और उच्च अधिकारियों से जल्द से जल्द ड्रेन नंबर 8 पर बर्मा रखवाकर बिजली कनेक्शन शुरू कराने तथा पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।