विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पार्ट टाइम जॉब के नाम पर 24 लाख रुपये की ठगी, झज्जर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार; कमीशन के चक्कर में दिया था बैंक खाता

Published: Thu, 20 Aug 2026 03:47 PM (IST)

साइबर क्राइम थाना झज्जर ने पार्ट टाइम जॉब और ऑनलाइन टास्क के बहाने 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी मयंक को गिरफ्तार किया है।

पार्ट टाइम जॉब के नाम पर 24 लाख रुपये की ठगी (प्रतीकात्मक फोटो)

पार्ट टाइम जॉब के नाम पर 24 लाख रुपये की ठगी (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. झज्जर साइबर पुलिस ने 24 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा किया।

  2. पार्ट टाइम जॉब और ऑनलाइन टास्क के बहाने ठगी की गई।

  3. एक आरोपी मयंक गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

जागरण संवाददाता, झज्जर। थाना साइबर क्राइम झज्जर की पुलिस टीम ने पार्ट टाइम जाब और आनलाइन टास्क पूरा कर पैसे कमाने का लालच देकर करीब 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम झज्जर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों से संबंधित जानकारी के आधार पर मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया।

थाना साइबर क्राइम झज्जर के थाना प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान मयंक निवासी कृष्णा कालोनी राजस्थान के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता 5,000 रुपये कमीशन के बदले उपलब्ध करवाया था।

पुलिस द्वारा मामले में आरोपित की भूमिका और अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में जांच की गई। गिरफ्तार आरोपित को अदालत झज्जर में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेशानुसार उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि बादली निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत देते हुए बताया था कि 11 जनवरी 2025 को उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से पार्ट टाइम जाब का मैसेज आया। मैसेज में उसे प्रतिदिन 1000 से 1500 रुपये तक कमाने का लालच दिया गया तथा ऑनलाइन टास्क पूरे करने के बदले लाभ देने की बात कही गई।

शिकायतकर्ता ने बताया कि शुरुआत में आरोपियों द्वारा उसे कुछ राशि का लाभ भी दिया गया, जिससे उसे आरोपितों पर विश्वास हो गया। इसके बाद आरोपितों के कहने पर वह अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाता रहा। बाद में उसे धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो पता चला कि वह आरोपितों के खातों में करीब 24 लाख रुपये जमा कर चुका था।