जागरण संवाददाता, झज्जर : रविवार को बुलेटिन में 180 नए केस आए है। सभी केस होम आइसोलेशन पर है।इन केसों में एक भी अस्पताल में एडमिट नहीं है। जबकि, एक्टिव केसों का आंकड़ा 682 पहुंच गया है। जिसमें 25 अस्पताल में रहते हुए उपचार करा रहे हैं। शेष सभी होम आइसोलेशन पर है। सभी मरीजों से स्वास्थ्य विभाग की टीम निरंतर संपर्क में हैं। बड़े स्तर पर राहत की बात यह है कि इन मरीजों में प्राय: सभी की स्थिति सामान्य है।

सैंपलिग और वैक्सीनेशन पर हो रहा फोकस बॉक्स : कोविड की मौजूदा स्थिति में हर स्तर पर आमजन को सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा जा रहा है कि वे मास्क लगाए और वैक्सीनेशन करवाएं। साथ ही शारीरिक दूरी बनाकर अपने कार्यों को करें। कुल मिलाकर, सैंपलिग और वैक्सीनेशन पर विभाग की टीम फोकस कर रही हैं। लिए गए सैंपलों में अभी 1182 की रिपोर्ट आना शेष है। जबकि, रोजाना ट्रेसिग के साथ-साथ नए सैंपल भी लिए जा रहे हैं। क्योंकि, कोविड की चेन को तोड़ने के लिए संक्रमितों का रिपोर्ट होना जरुरी है।

18 से 45 आयु वर्ग वाले बन रहे कैरियर : अभी तक रिकार्ड के मुताबिक सबसे ज्यादा कैरियर के तौर पर 18 से 45 आयु वर्ग से जुड़े लोग सामने आ रहे हैं। डा. विकास चौधरी के मुताबिक उक्त आयु वर्ग के करीब 70 फीसद लोग संक्रमित हुए हैं। जिससे समझा जा सकता है कि जिन भी लोगों को किन्हीं कारणों के चलते अपने घर से निकलना पड़ा रहा है, वह जद में आ रहे हैं। जबकि, 18 साल की उम्र से कम 10 फीसद ही है। 45 से ज्यादा की उम्र से जुड़े संक्रमितों का आंकड़ा करीब 20 फीसद है।

प्रीकाशन डोज पर भी हो रहा फोकस : डिप्टी सिविल सर्जन डा. संजीव मलिक ने प्रीकाशन डोज की पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स व 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगे हुए 9 महीने हो चुके हो और बीते तीन माह के दौरान कोविड की रिपोर्ट नेगेटिव रही हो। वह वैक्सीन की प्रीकाशन डोज लगवाने के पात्र होंगे। जिन लोगों को पहले कोवैक्सीन लगी हो उन्हें कोवैक्सीन व कोविशील्ड लगवाने वालों को कोविशील्ड की प्रीकाशन डोज दी जाएगी।

प्रतिक्रिया : स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि स्वास्थ्य सुरक्षा के ²ष्टिगत हम सभी नियमों का पालन करें। मौजूदा दौर में किसी भी तरह की लापरवाही बरतना उचित नहीं। साथ ही जिन लोगों ने वैकसीनेशन नहीं करवाया है, वह केंद्र तक आए और वैक्सीनेट करवाएं। डा. संजय दहिया, सिविल सर्जन, झज्जर

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