हिसार, जेएनएन। किसी बात की सनक किसी इंसान काे किसी भी हद तक पहुंचा सकती है। हिसार में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जहां एक नाबालिग ने ऐसा काम किया कि वह साइको किलर की तरह साइको कॉलर के नाम से चर्चा में है। युवक को कुछ दिन पहले उसके बैग में एक पर्ची मिली। पर्ची में,  तुम लुजर हो... लिखा था। यह पर्ची देखकर वह स्वयं को अपमानित महसूस करने लगा और सोचने लगा कि वह लूजर नहीं हो सकता।

उन दिनों में वह नेट पर दाखिले के लिए यूनिवर्सिटी सर्च कर रहा था। राजस्थान यूनिवर्सिटी सर्च करने के दौरान उसे वेबसाइट पर महिला प्रोफेसर्स के नंबर, फोटो व एड्रेस मिल गए। इसके बाद उसने स्वयं को साबित करने के लिए इन महिला प्रोफसर्स को अश्लील कॉल और मैसेज भेजने शुरू कर दिए।

इसके बाद सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि महिलाओं की दिन-रात की नींद हराम हो गई। युवक इतना चालाक निकला कि कॉल करने के लिए उसने विश्वविद्यालय के पासआउट हो चुके एक शोधार्थी की आइडी और उसका पासवर्ड इस्तेमाल किया, ताकि पकड़ में न आ सके। वह इंटरनेट के जरिए उसकी आइडी से आसानी से कॉल स्कूपिंग कर लेता था। इसके बाद मोबाइल से डाटा डिलीट कर दिया। मगर आखिरकार वह हिसार की जीजेयू यूनिवर्सिटी से पुलिस की पकड़ में आ ही गया, ये मामला बड़ा रोचक है, पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर.........

पैदा कर दिया खौफ, महिला प्रोफेसर्स ने एक-एक हफ्ते बंद रखे थे मोबाइल

राजस्थान यूनिवर्सिटी की महिला प्रोफेसर्स से अश्लील बातें करने और उन्हें धमकाने वाला आरोपित नाबालिग हर बार नए इंटरनेशनल नंबर से कॉल करता था। वह इंटरनेट के माध्यम से ऐसा करता और प्रोफेसर्स को दो घंटे में दुष्कर्म करने की धमकियां देता था। उसके कॉल और मैसेज से पूरे विश्वविद्यालय में खौफ का माहौल बन गया था। नाबालिग ने विश्वविद्यालय की महिला प्रोफेसर्स के बीच इस कदर खौफ पैदा कर दिया था कि कोई डर कर सुरक्षा के लिहाज से जल्दी घर जाने लगी तो किसी ने सात-सात दिन तक अपने मोबाइल स्विच ऑफ रखे। लेकिन, आरोपित फोन ऑन होते ही फिर से कॉल व मैसेज करना शुरू कर देता था।

महिला शादीशुदा या नहीं, युवक को होता था पता

युवक ने कई महिला प्रोफेसर्स को 25-30 बार भी कॉल की। कई बार महिला प्रोफेसर्स शोधार्थियों के साथ लैब में काम करने के लिए देर शाम तक रूक जाती थीं, लेकिन घटना के बाद वे इतनी सहम गई कि उन्होंने शोधार्थियों से भी दूरी बनानी शुरू कर दी। प्रोफेसर्स छात्रों से बहुत कम बात करतीं और उनके व्यवहार में अचानक आए इस परिवर्तन से यूनिवसिर्टी के विद्यार्थी और दूसरा स्टाफ भी हैरान था। नाबालिग को यह तक पता था कि किसकी शादी हो चुकी है और किसकी नहीं।

कहता- बेशक, रिकार्डिंग कर लो, पुलिस नहीं पकड़ सकती

महिला प्रोफेसर्स पुलिस में शिकायत करने की बात कहती तो वो बोलता था कि बेशक तुम रिकार्डिंग कर लो, लेकिन पुलिस मुझे नहीं पकड़ सकती। जब कभी भी महिला प्रोफेसर्स के पति फोन उठाते तो वह अंग्रेजी में बात करने लगता। एक बार एक महिला के पति ने फोन उठाया तो कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में सेमिनार के संबंध में बात करनी है। इसके बाद जैसे ही महिला प्रोफेसर ने फोन लिया तो वह फिर से अश्लील बातें करने लगा। महिला ने डरकर फोन काट दिया। यह 30 सैकंड में बोले गए एक-एक शब्द महिला प्रोफेसर्स को याद है। मामले के बाद वह अपना फोन भी साइलेंट रखने लगी। इस तरह के तीन मामलों की शिकायत जयपुर थाने में दी गई थी।

महिला प्रोफेसर्स को भेजे पार्सल से फंसा, एक्सपर्ट की मदद से जीजेयू पहुंची थी पुलिस

डीसीपी डा. राहुल जैन ने बताया कि आरोपित ने एक महिला प्रोफेसर्स को पार्सल भेजा था। जिसे पुलिस ने जब्त कर किया। पुलिस ने सायबर एक्सपर्ट की मदद ली। उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर महिला प्रोफेसर्स को पार्सल भेजने वाली कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए आईपी एड्रेस लॉग से आईपी एड्रेस चिन्हित किया। इसमें सामने आया कि आईपी एड्रेस गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार का है। इस प्रकार इसी पार्सल के माध्यम से पुलिस संबंधित कंपनी तक पहुंची और वहां से आर्डर करने वाले के आईपी एड्रेस तक पहुंची। आरोपी ने पहचान छुपाने के लिए फर्जी ई-मेल आइडी बनाई थी। सर्विस एक अमेरिकी कंपनी दे रही थी।

लड़का निकला साइबर एक्‍सपर्ट, पुलिस भी हो गई हैरान

जयपुर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी की 40 से ज्यादा महिलाओं को अश्लील कॉल और मैसेज करने वाला 16 वर्षीय नाबालिग पढ़ाई में अव्वल और सायबर का एक्सपर्ट है। उसकी गिरफ्तारी से पहले जयपुर पुलिस ने मामले की जांच के लिए हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संपर्क किया तो विश्वविद्यालय में ही दुरस्थ शिक्षा विभाग के निदेशक और कुलपति के ओएसडी उनके पिता को इसकी सूचना मिल गई थी। उन्होंने इस संबंध में अपने बेटे से जानकारी लेनी चाही तो वह घबरा गया और मामले को भांपते हुए मोबाइल को फार्मेट कर दिया था। वह इतना अधिक एक्सपर्ट है कि उसने विश्वविद्यालय में स्थित अपने घर की बजाए विश्वविद्यालय के वाई-फाई का सहारा लिया। यहां तक कि उसने विश्वविद्यालय के आइपी एड्रेस को भी मिटाने की कोशिश की, लेकिन अधिक सुरक्षित होने के कारण वह अपनी कोशिशों में नाकाम रहा।

जब 8वीं में था, तब क्लासमेंट को पार्सल से भेज दी थीं आपत्तिजनक वस्तुएं

आरोपित से पुलिस अधिकारियों की हुई बातचीत में सामने आया कि वह सातवीं कक्षा तक टॉपर था। आठवीं कक्षा में एक छात्रा ने एडमिशन लिया, जो पढ़ाई में उससे भी अधिक होशियार थी। ऐसे में आरोपित को डर था कि कहीं वह उससे अधिक अंक लेकर उसे पछाड़ न दे। ऐसे में उसने पड़ोस में ही रहने वाली उस छात्रा के घर पर पार्सल भेजने शरू कर दिए, जिसमें आपत्तिजनक वस्तुएं थी। तब आरोपित के पिता और उसने माफी मांग ली थी और मामला शांत हो गया था।

जेईईई ऑल इंडिया रैंकिंग में टॉप 30 में बनाई जगह

आरोपित ने 12वीं में 97 फीसद अंक हासिल किए थे और जेईईई की ऑल इंडिया रैंङ्क्षकग में वह टॉप-30 में था। राजस्थान यूनिवर्सिटी की महिला प्रोफेसर्स की अलग-अलग थानों में दी गई शिकायत के बाद जयपुर पुलिस और उनकी साइबर टीम लगातार इस मामले की जांच में जुटी थी।

कोर्ट ने नहीं दी जमानत, ऑब्जर्वेशन होम भेजा

जयपुर से डीसीपी डॉ राहुल जैन ने कहा कि हमने उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था, जहां उसे जमानत नहीं मिली और ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है। हमने मामले से संबंधित सारे सुबुत कोर्ट को सौंप दिए हैं। बच्चा बहुत इंटेलिजेंट हैं और टेक्नीक्लि बहुत मजबूत है। हम अपील करते हैं कि विद्यार्थी अपनी उर्जा और तकनीकी दक्षता का उपयोग देश हित में करें।

ऐसे मामलों में 1091 पर करें शिकायत

महिलाओं के साथ इस तरह के मामले सामने आएं तो उन्हें पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होती। महिलाओं की मदद के लिए सरकार ने नंबर जारी किए हैं। इन पर कॉल करके तुरंत मदद पाई जा सकती है। महिला हेल्प लाइन नंबर 1090 और 1091 पूरे देश के लिए है। वहीं, पुलिस कंट्रोल रूम में 100 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित पुलिस स्टेशन की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

 

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Posted By: manoj kumar