जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 11 जनवरी से लगातार बादलवाई व हल्की गति से उत्तर पश्चिमी शीत हवा चलने से दिन का तापमान सामान्य से पांच से छ डिग्री कम तथा रात्रि तापमान सामान्य के आसपास व हल्की बढ़ोतरी दर्ज होने से राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में कोल्ड डे की स्थिती बनी हुई है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खिचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से हवा में बदलाव उत्तर पश्चिम से दक्षिण पूर्व व पूर्वी हो जाने से राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में 18 से 20 जनवरी के दौरान आंशिक बादलवाई तथा एक और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता 21 जनवरी तक बढ़ने से राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में 21 जनवरी रात्रि व 22 जनवरी को हवायों व गरज चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

शीतलहर से दिन और रात के तापमान का अंतर हुआ कम

हवा के परिवर्तन से प्रदेश में शीतलहर चल रही है। दिन और रात्रि के समय का अंतर काफी घट गया है। इसके साथ ही पांच जिलों में कोल्ड डे की स्थिति लगातार बनी हुई है। जिसमें हिसार, अांबाला, भिवानी, रोहतक, कुरुक्षेत्र शामिल हैं। सोमवार को हल्की धूप भी लोगों को सर्दी से राहत नहीं दे पाई। इसके साथ ही धुंध के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है। सोमवार सुबह 100 से 150 मीटर दृश्यता थी जिसके कारण वहानों की रफ्तार हाइवे पर कम ही दिखाई दी। इसके साथ ही भिवानी में 10.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा दिन है तो हिसार में 4.1 डिग्री सेल्सियस रात्रि तापमान प्रदेश में सर्वाधिक कम है। आने वाले दिनों में इसी प्रकार का मौसम रह सकता है।

दुधारू पशुओं का सर्दियों में उचित रख-रखाव

लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के इंटरनेट मीडिया इंचार्ज डा नीलेश सिंधु व वेटरनरी मेडिसिन से विज्ञानी डा. अंकित गोयल ने बताया कि सर्दियों में शीतलहर से सबसे अधिक निमोनिया होने की संभावना रहती है। पशुपालकों को सर्दियों के दिनों में धूप में बांधें। इसके साथ ही पशुओं के बैठने के स्थान को सूखा रखें। इसके साथ ही पशुओं के शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए कंबल या बोरी का प्रयोग करें। इसके साथ ही पशुओं को गुनगुना पानी दिया जाना चाहिए।

इसके साथ ही पशुओं के शरीर का तापमान ठीक रहे इसके लिए तेल की खली व गुड़ का मिश्रण जरूर दें। जानवरों को खनिज लवण का मिश्रण भी दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही चारे में सुबह सायं एक मुट्ठी नमक जरूर मिलाएं। जिससे शरीर में खनिज लवण की कमी नहीं होगी और शरीर स्वस्थ रहेगा। रात्रि के समय पशुओं को खुले में न बांधे, बल्कि चारों तरफ से बंद शैड होना चाहिए।

अगर धूप नहीं निकल रही है तो पशु के आसपास अलाव जलाएं मगर यह सुनिश्चित कर लें कि शैड में धुंआ एकत्रित न हो बल्कि धुंआ बाहर निकलना चाहिए। अधिक सर्दी है तो पशुओं को रोजाना न नहलाएं। इसके साथ ही समय- समय पर पेट के कीड़ों की दवा देते रहें। अगर फिर भी दिक्कत होती है तो देरी न करते हुए पशु चिकित्सक से संपर्क करें। इसके साथ ही पशुओं को सफेदा के पत्ते की भाप जरूर दें।

Edited By: Manoj Kumar