हिसार [वैभव शर्मा]। इस बार हरियाणा में मानसून के दौरान काफी कम बारिश हुई है। कम बारिश ने किसानों को चिंता में डाल दिया था। अब मानसून के दौरान कम बारिश ही हरियाणा में समय से पहले पाला पड़ने का कारण बन सकती है। दिसंबर माह के शुरुआत में ही पाला जमा दिख सकता है। जो अक्सर दिसंबर के आखिरी सप्ताह या जनवरी के शुरुआती दिनों में दिखाई देता है।

हरियाणा में 1 जून से 26 सितंबर तक मानसून रहा, जिसमें 249 मिलीमीटर बारिश हुई। इस बार सामान्य से 43 फीसद कम बारिश हुई है। दरसअल इसके पीछे मौसम विज्ञान है। मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि अगर मानसून के समय कम बारिश होती है तो धरती का तापमान कम हो जाता है। ऐसे में आने वाले समय में ठंड बढ़ेगी तो धरती के तापमान के साथ मिलकर पाला जमाएगी। हालांकि फसलों पर पाले का अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। 

आज से हरियाणा में गिरेगा तापमान

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मदन खिच्चड़ ने बताया कि शनिवार को हरियाणा के चरखी दादरी, फतेहाबाद, सिरसा, डबवाली की तरफ से पश्चिमी विक्षोभ गुजरा जिसके कारण बारिश भी हुई। अब पश्चिमी विक्षोभ पंजाब से होता हुआ रविवार तक हिमाचल व जम्मू कश्मीर तक पहुंच जाएगा। जिसकी वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम परिवर्तित होगा और वहां से चलने वाली उत्तर पश्चिमी हवाएं हरियाणा में रात्रि के तापमान में गिरावट दर्ज कराएंगी। अगले एक दिन में आपको इसका एहसास होना शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कभी-कभी दिन में तापमान बढ़ेगा।

मानसून सीजन में कम बारिश के आंकड़े

जिला बारिश हुई सामान्य बारिश की कमी
हिसार 158.6 307.8 48
फतेहाबाद 102.7 275 63
भिवानी 179.5 333.9 45
सिरसा 182.6 210.2 13
रोहतक 141.6 501.3 72
पानीपत 182.1 478.3 62
अंबाला 576.2 842.5 32
करनाल 412.9 542.9 24

नोट- आंकड़े फीसद में हैं। 

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस