बहादुरगढ़, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश के देवरिया से एक युवक बहादुरगढ़ में काम की तलाश में आया था, मगर उसे यहां मौत नसीब हुई। कई दिनों तक काम नहीं मिला तो वह मोबाइल पर बात करते हुए रेलवे लाइन के बीचोंबीच चल दिया। हताश-निराश इतना था कि ट्रेन का हार्न भी नहीं सुनाई दिया।

ऐसे में वह ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना को लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को वारिसों के हवाले कर दिया गया। मृतक की पहचान देवरिया जिले के मठ टोडरगिरी के रहने वाले 35 वर्षीय विनोद कुमार के रूप में हुई है।

नहीं मिला तो मोबाइल पर बात करते रेलवे ट्रैक पर चल दिया

पुलिस ने बताया कि विनोद 21 जून को घर से चला था। 23 जून को बहादुरगढ़ में काम की तलाश में आया था। वह परनाला गांव में अपने साढू गु्डडन के पास ठहरा था। कई दिनों की तलाश के बाद उसे काम नहीं मिला। वह शुक्रवार को परनाला रेलवे फाटक से रेलवे लाइन के बीच में चलता हुआ दिल्ली की तरफ जा रहा था। साथ में मोबाइल पर बात भी कर रहा था। उसी बीच दिल्ली की तरफ से पैसेंजर ट्रेन आ रही थी।

लोको पायलट ने हार्न भी दिया, मगर विनोद लाइन के बीच से नहीं हटा तो ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आशंका यह भी है कि कहीं विनोद ने जानबूझकर तो ऐसा नहीं, किया मगर यह स्पष्ट नहीं हो पाया। स्वजनों का कहना है कि वह हताश-निराश था। शायद इसीलिए ट्रेन की चपेट में आया। मौके पर पहुंची राजकीय रेलवे थाना की टीम ने शव को सिविल अस्पताल भिजवाया। मृतक विनोद दो बच्चों का पिता था। उसकी मौत से परिवार का सहारा ही टूट गया।

Edited By: Naveen Dalal