हिसार, जेएनएन। मेरठ में यूपी पुलिस ने जिन चार बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया है, उनमें हिसार जिले का बदमाश भी शामिल है। अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले मृतक ने जरा सी बात के लिए हत्‍या कर दी थी। बता दें कि सीसवाल गांव के रवींद्र उर्फ कालिया ने सिर्फ इस बात को लेकर अपने पूर्व सहपाठी कुलदीप की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी कि उसने स्कूल में पढ़ाई के दौरान टीचर से उसकी शिकायत की थी। टीचर ने रवींद्र की पिटाई कर दी थी।

दोनों ने पढ़ाई पूरी कर ली थी। कई साल गुजरने के बाद भी रवींद्र के मन से बदले की बात नहीं निकली थी। उसने साथियों के साथ मिलकर कुलदीप की हत्या कर दी थी। रवींद्र पर कई आपराधिक केस दर्ज थे। सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रख रखा था।

कुछ ग्रामीणों ने बताया कि रवींद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव के शराब ठेके पर गोलियां बरसाई थीं और ठेकेदार से रंगदारी मांगी थी। तब यह मामला तूल पकड़ गया था। उसके बाद पुलिस ने उस पर शिकंजा कस दिया था। वह पुलिस के डर से हरियाणा छोड़कर यूपी में चला गया था। वह वहां के गैंग में शामिल हो गया था।

पुलिस ने उसकी तलाश में कई जगह छापेमारी की थी, मगर वह हाथ नहीं लगा था। वह बेहद शातिर था और बार-बार ठिकाने बदलता रहता था। वह मोबाइल फोन नहीं रखता था। ताकि किसी को उसकी लोकेशन का पता न चल सके। आदमपुर थाना, सीआइए और स्पेशल स्टाफ की पुलिस के निशाने पर था। यूपी पुलिस ने मुठभेड़ की सूचना हिसार पुलिस को दे दी है। मृतक रवींद्र के परिजन सूचना मिलने के बाद यूपी के लिए रवाना हो गए।

 

पुलिस के पास भी नहीं था कोई फोटो

रवींद्र का पुलिस के पास कोई फोटो नहीं था। वह उसकी तलाश अवश्य कर रही है लेकिन उसको ढूंढने और फोटो के लिए परिवार से भी पूछताछ की थी। परिवार वाले भी उसके बारे में कम जानते थे कि वह कहां रहता था।

 

यह है सारा मामला

यूपी के मेरठ में बदमाशों ने मंगलवार को एक थानेदार को गोली मारकर एक लाख के इनामी बदमाश रोहित उर्फ सांडू को छुड़वाने का प्रयास किया। पुलिस ने मुठभेड़ में रोहित और उसके 50-50 हजार इनामी तीन साथियों को गोलियां मारकर मार गिराया। मेरठ व मुजफ्फरनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच 10 घंटे मुठभेड़ चली। मुठभेड़ में चार पुलिस कर्मियों को भी गोलियां लगी। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Posted By: manoj kumar

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप