संवाद सहययोगी, डबवाली (सिरसा)। 10 साल पहले बहन को भगा ले जाने का बदला उसके दो भाइयों ने मैकेनिक की हत्या कर लिया। सिरसा में ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सात दिन में पुलिस ने सुलझा ली है। पंजाब के बठिंडा के तलवंडी साबो के गांव बहमन जस्सा सिंह निवासी ट्रैक्टर मैकेनिक गगनदीप सिंह की हत्या के आरोप में सदर थाना पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।

आरोपित बसंत सिंह तथा सतवंत सिंह रामां मंडी थाना के तहत आने वाले गांव खारी फुल्लो के रहने वाले हैं। हत्या में आरोपितों की बहन कर्मजीत कौर, बसंत की बिचौलन गांव लक्कडांवाली थाना बड़ागुढ़ा (सिरसा) निवासी कुलदीप कौर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपित तथा मृतक दूर की रिश्तेदारी में हैं। गत 21 जुलाई को गगनदीप के छोटे भाई की शादी थी। इस शादी में गगनदीप का बहनोइयों के साथ झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह शादी समारोह छोड़कर रामां मंडी आ गया। एक दिन पहले ही उसने बसंत को फोन कर धमकी दी थी कि वह दोनों भाइयों की हत्या कर कर्मजीत कौर को उठाकर ले जाएगा और न ही उसकी शादी होने देगा।

महिला से कॉल कर गांव खारी फुल्लो बुलाया

पुलिस के मुताबिक, वारदात वाले दिन एक अन्य महिला कुलदीप ने कर्मजीत कौर की गगनदीप से बात करवाकर उसे घर बुलाया। रात को गगनदीप गांव खारी फुल्लो पहुंचा। यहां उसकी हत्या कर दी गई। शव जिप्सी में डालकर भाखड़ा नहर में फेंक दिया गया। उसका बाइक भी कुछ दूर आगे फेंक दिया। सदर थाना डबवाली पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर को साइबर सेल की मदद से सुलझा लिया।

10 साल पहले बहन को भगा ले गया था

गगनदीप की हत्या में आरोपितों की बहन कर्मजीत कौर, गांव लक्कडांवाली थाना बड़ागुढ़ा (सिरसा) निवासी कुलदीप कौर भी शामिल है। 10 साल पूर्व गगनदीप कर्मजीत को घर से भगा ले गया था। उसी रात वे पकड़े गए थे। रिश्तेदारी के कारण पंचायत में मामला निपट गया था। मृतक गगनदीप कर्मजीत के भाइयों से यहां भी मिलता, तंज कसता कि उनकी बहन को वह उठाकर ले जाएगा। तब तक उसकी शादी नहीं होने देगा। आरोपितों ने हत्या के सुबूत मिटाने को फर्श भी उखाड़ दिया था। फिर भी नहीं बच पाए

फोन कर दी थी बहन को उठा ले जाने की धमकी

गगनदीप सिंह ने 20 जुलाई को बसंत को फोन करके धमकी दी कि वह दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद कर्मजीत को ले जाएगा। 21 जुलाई को गगनदीप के भाई की शादी थी। शादी में गगनदीप भी गया हुआ था जहां उसका बसंत के बहनोइयों के साथ झगड़ा होने के बाद वह रामां मंडी आ गया। इधर दोनों भाइयों ने पुरानी रंजिश के चलते कुलदीप कौर के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगाने की योजना तैयार कर ली।

जिप्सी में डालकर सिरसा में लाया गया शव

कुलदीप ने कर्मजीत कौर से उसकी बात करवाई। उसे घर बुला लिया। पुलिस के अनुसार गगनदीप देर रात को गांव खारी फुल्लो पहुंचा। वहां डंडों, क्लिप से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपितों ने शव को जिप्सी में डाल लिया। बाइक को सतवंत चलाने लगा। जबकि बसंत तथा कुलदीप जिप्सी में सवार थे। 21-22 जुलाई की मध्य रात्रि कालांवाली रोड पर गांव पाना के समीप शव भाखड़ा नहर में फेंक दिया। कुछ दूरी पर उसका बाइक भी फेंक दिया। बाद में आरोपित मौका से जिप्सी पर फरार हो गए।

यूं दिया वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार, ढाणी में आने के बाद गगनदीप काफी देर तक कुंडा खटकटाता रहा। योजना अनुसार एक आरोपित छत पर, दो अन्य पीछे छिपे हुए थे। काफी देर तक कोई बाहर नहीं आया तो वह दरवाजे के साथ बने तंदूर पर बैठ गया। छत पर छिपे आरोपित ने लोहे का क्लिप उसकी ओर फेंका। जो उसके सिर पर लगा। वह गिर गया तो अन्य आरोपित मौका पर आ गए। सभी ने उसे पीटना शुरु कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपितों ने उस जगह से फर्श तक उखाड़ लिया, यहां उसका खून था। सबूत मिटाने के लिए उसे बोरे में भरकर नहर में फेंक दिया।

साइबर सेल का रहा योगदान

गांव पाना के निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि गुरप्रीत सिंह की सूचना पर पुलिस मौका पर पहुंची थी। 22 जुलाई को नहर से शव तथा बाइक बरामद की थी। बाइक की नंबर प्लेट टूटी हुई थी। चैसिस तथा इंजन नंबर के आधार पर मृतक की पहचान हुई थी। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल डिटेल निकलवाई तो आरोपितों तक पहुंचने में सफल हुई।

सात दिन में सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी

डीएसपी डबवाली कुलदीप बैनीवाल ने कहा कि ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सदर थाना प्रभारी देवीलाल, एसआइ नरेश तथा साइबर सैल में तैनात रणजीत सिंह की टीम ने सुलझाते हुए खुलासा कर दिया। 10 साल पुरानी रंजिश में गगनदीप को मारा गया था। जिस दिन उसकी हत्या हुई उसके छोटे भाई की शादी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सात दिन में ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई है। जिला पुलिस कप्तान डा. अर्पित जैन ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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Edited By: Umesh Kdhyani