अमित पोपली, झज्जर। इसे देश की मिट्टी से जुड़ाव ही कहा जाएगा। अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बना चुके टेनिस स्टार सुमित नागल जब अपने पिता सुरेश नागल के साथ फोन पर लाड करते हैं तो वे उन्हें बाबू कहकर बुलाते हैं। हालांकि, पिता, पापा, डैड और जैसा भी उनका मन हो, संबोधन करते हुए वह अकसर अपने पिता से बातचीत करते हैं। लेकिन, जब हरियाणवी में परिवार से बात हो रही हो तो सुमित का बाबू कहकर बुलाना पिता को भी खूब भाता है। भारतीय टेनिस स्टार हरियाणा के झज्जर के सुमित नागल अपने ओलिंपिक अभियान का आगाज 24 जुलाई से करेंगे। उनके सामने उज्बेकिस्तान का खिलाड़ी चुनौती पेश करेगा। 

दरअसल, सुमित नागल पिछले करीब सात साल से जर्मनी में रहकर अभ्यास कर रहे हैं। जूनियर विंबल्डन जीतने के बाद सुमित को नई पहचान मिली थी। फिर रॉजर फेडरर के साथ जब सेट जीता तो उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब तारीफ हुई। बहरहाल, अच्छी रैंकिंग के बूते सुमित को ओलिंपिक का हिस्सा बनने का मौका मिला है। बुधवार को वे करीब 15 घंटे की फ्लाइट लेकर जर्मनी से टोक्यो पहुंचे हैं। हालांकि, अभी उन्हें टोक्यो का मौसम रास नहीं आया है। पिता के मुताबिक, वहां नमी बहुत ज्यादा है। यह नमी सुमित को अभ्यास के दौरान परेशान करती है।

उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी से कोर्ट नंबर दस पर मैच

शुक्रवार से टोक्यो ओलिंपिक का आगाज हो रहा है। मैच के ड्रा होने के साथ-साथ शेड्यूल तय किए जा रहे हैं। टेनिस के लिए तय हुए शेड्यूल में सुमित नागल का पहला मुकाबला उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी इस्तोमिन डेनिस के साथ शनिवार को होना है। कोर्ट नंबर दस पर होने वाले इस मुकाबले की तैयारी के लिए सुमित वहां पर खूब पसीना बहा रहे हैं। तापमान से स्वयं को संतुलन में लाने सहित अन्य परिस्थितियों से अनुकूलता बनाते हुए वह कैंप का हिस्सा बन रहे हैं। बता दें कि आखिरी दिनों में सुमित नागल का ओलिंपिक के लिए चयन हुआ है।

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