बहादुरगढ़, जेएनएन। पश्चिम बंगाल से आंदोलन में आई 25 वर्षीय युवती के साथ टीकरी बार्डर पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में नामजद छह आरोपितों में से तीन की गिरफ्तारी पर रखे गए इनाम में उच्चाधिकारियों की तरफ से 25-25 हजार की राशि को मंजूरी दे दी गई है। इधर, अपराध शाखा पुलिस की ओर से तीन आरोपितों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। इसमें से एक को पकड़ने में सफलता मिली है। लड़की के साथ गलत कार्य करने के मामले में अति वांछित एक आरोपित अनिल मलिक को झज्जर पुलिस की एक टीम ने काबू कर लिया है। पुलिस अधीक्षक झज्जर राजेश दुग्गल के दिशा निर्देश अनुसार डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम ने आरोपित को गुप्त सूचना के आधार पर भिवानी से काबू किया है।

मुख्य आरोपित माना जा रहा अनिल मलिक तो एफआइआर दर्ज होने से कई दिन पहले ही भूमिगत हो गया था। बाद में किसान सोशल आर्मी के नाम से जो तंबू यहां पर बनाया गया था, उसे तोड़े जाने के बाद से अन्य आरोपित भी इधर-उधर छिप गए थे। हालांकि दिलचस्प बात यह भी रही थी कि जब तक एफआइआर दर्ज नहीं हुई थी, तब तक आरोपितों का यहां पर बचाव भी किया जा रहा था। एक आरोपित अनूप चानौत ने एफआइआर दर्ज होने के बाद जब एक वीडियो क्लिप जारी करके खुद को निर्दोष बताया तो उसमें साफ तौर पर यह बात कही थी कि जब इस मामले मेें कमेटी के लोगों ने पंचायत की तो उन्होंने ही उसे (अनूप) व अन्य को इधर-उधर छिपकर रहने के लिए कहा था।

ऐसे में यह तो साफ है कि आखिर तक इस मामले को कानून की दहलीज तक पहुंचने से रोकने की ही कोशिश होती रही। इधर, इस मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआइटी ( स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) द्वारा अब पूछताछ का सिलसिला भी रुक गया था। कई दिनों से अब किसी किसान नेता या अन्य व्यक्ति को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जा रहा है। दो महिला आरोपितों समेत 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। उधर, एक आरोपित अंकुर सांगवान द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत नामंजूर होने के बाद अब हाई कोर्ट मे अर्जी दाखिल की गई है। पुलिस के मुताबिक इस पर 16 जून को सुनवाई होनी है। वहीं अब दो आरोपितों की तलाश है।

Edited By: Manoj Kumar