जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़: तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में पहले दिन से टीकरी बार्डर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले भाकियू घासीराम नैन के अध्यक्ष जोगेंद्र नैन को एक माह के लिए निलंबित किया गया है। संयुक्त मोर्च की टीकरी बार्डर कमेटी ने उन्हें निलंबित किया है। हालांकि कमेटी के सदस्य इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। खुद जोगेंद्र नैन ने निलंबन की सूचना से अनभिज्ञता जाहिर की है।

आंदोलन में भागीदारी बढ़ाने में असमर्थ रहने पर जोगेंद्र नैन को निलंबित किया गया है। हरियाणा के किसान संगठन दबी जुबान में इस निलंबन को लेकर विरोध जता रहे हैं। फिलहाल जोगेंद्र नैन के निलंबन को लेकर अभी कोई भी किसान नेता खुलकर सामने नहीं आया है लेकिन उनमें पहले गुरनाम चढूनी और अब जोगेंद्र नैन को निलंबित किए जाने को लेकर अंदरखाते राेष जताया है।

बता दें कि इससे पहले आंदोलन में अलग-अलग तरह के बयान देने पर संयुक्‍त किसान मोर्चा ने भाकियू के प्रदेशाध्‍यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी को एक सप्‍ताह के लिए निलंबित कर दिया था। इस मामले ने खूब तूल पकड़ा था। इसके बाद खालिस्‍तानी आतंकवादी के बारे में टिप्‍पणी करने पर पंजाब के किसान नेता रलदू मानसा को भी संयुक्‍त किसान मोर्चा ने 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया था। अब ऐसा ही यह तीसरा मामला है।

....मुझे टीकरी बार्डर स्टेज संचालन कमेटी ने निलंबित किया है, इसकी जानकारी मेरे पास नहीं है। ना ही किसी ने मुझे कोई सूचना दी है। अगर मुझे निलंबित भी किया जाता है तो मुझे कारण तो बताए जाए। मैं शुरू दिन से ही आंदोलन में सक्रिय हूं और आगे भी रहूंगा।

----जोगेंद्र नैन, नेता, भाकियू घासीराम नैन।

Edited By: Manoj Kumar