जेएनएन, हिसार। हिसार छावनी में जासूसी के शक में पकड़े गए तीनों युवकों को पुलिस ने सात घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया। सेना इंटेलीजेंस और सेना पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के शामली के मसाबी निवासी 22 वर्षीय खालिद, मुजफरनगर के शेरपुर गांव निवासी 28 वर्षीय महताब और 34 वर्षीय रागिब को पकड़ा था, लेकिन जांच में उनके जासूसी करने की बात सामने नहीं आई।

तीनों के परिवार व उनके गांव से आए प्रतिनिधियों ने जांच में सहयोग किया और उनकी बेगुनाही के सुबूत पेश किए। इसके बाद पुलिस संतुष्ट हो गई तो उसने अपनी कार्रवाई पूरी होने के बाद तीनों को सेना को सौंप दिया। सेना ने भी पुलिस से क्लीनचिट मिलने पर उनको छोड़ दिया।

बता दें कि हिसार छावनी में 25 जुलाई से पहले तीनों मजदूर एमआइएस की बिल्डिंग के निर्माण के लिए आए थे। 25 जुलाई को उन्होंने सेलफोन से छावनी में दौड़ लगाते हुए वीडियो क्लिप बनाई थी। इस पर सेना इंटेलीजेंस और सेना पुलिस ने 1 अगस्त को तीनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।

शनिवार दोपहर को दो बजे पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की। तीनों से उनके परिवार के एक-एक सदस्य के बारे में पूछा गया। फोन की जांच करने पर सामने आया कि जो उन्होंने फोटो खींची और वीडियो क्लिप बनाई वह फोन में मौजूद थी। वह जिसको भेजी गई उसको भी किसी ने डिलीट नहीं किया था। उस फोटो में भी छावनी की गतिविधियों के बारे में पता नहीं चल रहा था।

सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि हिसार छावनी से तीन लोगों को जांच के लिए शक के आधार पर सदर थाना लाया गया था। उन पर रपट रोजनामचा दर्ज करने के बाद तीनों को सेना के हवाले कर दिया।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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