जागरण संवाददाता, हिसार : खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से राशन डिपो पर सप्लाई हुए गेहूं में मिट़्टी डालकर गडबड़ी करने मामला सामने आया है। वार्ड-6 के राशन डिपो पर हुई इस घटना की शिकायत वार्ड पार्षद उमेद खन्ना ने मेयर गौतम सरदाना से लेकर जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी से लेकर उनके निदेशक तक को वीडियो के सबूत के साथ की है। वहीं जांच करने पहुंचे अफसरों ने भी पार्षद ने जांच के नाम पर खानापूर्ति करने का आरोप जड़ा है।

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ये है मामला

वार्ड-6 में टिब्बा दानाशेर में एक राशन डिपो पर खाद्य आपूर्ति विभाग का अधिकारी गेहूं लेकर पहुंचा। उस गेहूं के बोरियों पर मिट्टी थी। इसकी सूचना जब क्षेत्रवासियों ने पार्षद को देते हुए मौखिक शिकायत की तो पार्षद मौका निरीक्षण के लिए डिपो पर पहुंचा। उन्होंने देखा की गेहूं तक में मिट्टी थी। ऐसा लग रहा था जैसे गेहूं निकालकर उसका वजन पूरा करने के लिए मिट्टी डाली हो। वहीं जब वजन तोला तो गेहूं भी कम पाई। पार्षद ने इसकी शिकायत मेयर से लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग में की। इसके बाद जांच करने अधिकारी तो आए लेकिन औपचारिकता की।

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पेडे खाकर की जांच-भ्रष्टाचार में शामिल अफसर

पार्षद उमेद खन्ना ने कहा कि जांच के लिए आए अधिकारी मौके पर जांच करने की बजाए पेडे खाने में व्यस्त नजर आए। कभी कोई भ्रष्टाचार की जांच करने आता है और वह पेडे खाने में व्यस्त हो जाए। मैंने मौके पर पहुंचकर जब जांच के लिए कहा तो जांच के नाम पर डिपो में एक राउंड मारा और जांच की औपचारिकता करके अफसर चले गए। अफसर भ्रष्टाचार की जांच करने में भी सुस्त व लापरवाह कार्यप्रणाली दिखा रहे है।

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वर्जन

गेहूं पर मिट्टी डाली हुई थी। मैंने इसकी शिकायत मेयर से लेकर खाद्य आपूर्ति अफसरों को की। कार्रवाई तो दूर जांच के नाम पर पेडे खाए और खानापूर्ति करके चले गए। मेरा वार्ड एससी वर्ग का वार्ड है। मेरी सरकार से मांग है कि गरीबों के अन्न में गडबड़ी करने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई करे।

- उमेद खन्ना, पार्षद, वार्ड-6, नगर निगम हिसार।

Edited By: Jagran