जागरण संवाददाता, हिसार: पुलिस विन मनी ऐप से करोड़ों रुपये के ठगी के मामले में जयपुर से गिरफ्तार किए गए आकाश शर्मा के 13 बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं पुलिस जांच में सामने आया कि आकाश शर्मा के अलग-अलग बैंक खातों से रुपये सैयद अली के और अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए है। आकाश एक साधारण परिवार से है और इसके बावजूद उसके बैंक खातों से 300 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। जांच में सामने आया कि आकाश क्रिप्टो में ट्रेड करता है और वह भारतीय शेयर बाजार में भी ट्रेडिग करता है। इस मामले में मुख्य सरगना माने जा रहे अहमदाबाद के मुख्य सरगना के बारे भी पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है मुख्य सरगना रोजाना एक से डेढ़ करोड़ के रुपये का लेन-देन प्रतिदिन करता है और विनमनी एप से आने वाला सारा पैसा उसके ही खाता में जाता है। साथ ही मुख्य सरगना ने आरके ट्रेडिग नाम से एक फर्म खोली हुई है। पुलिस इस मामले में अन्य राज्यों की पुलिस और खुफिया एजेंसियों का सहारा ले रही है। पुलिस की जांच में सामने आया था कि एप के जरिये बिजनेसमैन को पार्टी के लिए बुलाकर उनसे विनमनी एप में रुपये का निवेश करवाया जाता है। पांच से 20 लाख लगाने वाले लोगों पर एप चलाने वाले साइबर ठगों की विशेष नजर रहती है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली, गुजरात, जयपुर, जोधपुर और अन्य ठिकानों पर दबिश देकर आरोपितों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में जांच जारी है।

आकाश के अधिवक्ता ने की निष्पक्ष जांच की मांग

आकाश की तरफ से मामले की पैरवी कर रहेअधिवक्ता सन्नी ढींगड़ा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कहा कि आकाश शर्मा को बेवजह फंसाया जा रहा है जबकि वह ब्रोकर है और ब्रोकर कार्य की सभी औपचारिकताएं पूरी करके यह कार्य कर रहा है। एडवोकेट सन्नी ढींगड़ा ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि आकाश शर्मा बिनांस ऐप पर वेरीफाइड यूजर/ट्रेडर है जिसका काम ट्रेडिग करना है। इस कार्य के लिए आकाश ने फर्म रजिस्टर्ड भी करवा रखी है और उसका जीएसटी नंबर भी है। नियमानुसार आकाश अपने लेन—देन का पूरा ब्यौरा रखकर सरकार को समय पर टैक्स भी अदा करता है। उन्होंने बताया आकाश शर्मा को विन मनी ऐप व उसके द्वारा किए जा रहे फ्राड की कोई जानकारी नहीं थी, बल्कि उसने किसी अन्य व्यक्ति को यूएसण्डीटी/क्रिप्टो विक्रय किए थे। आकाश शर्मा को यह जानकारी नहीं थी कि जिस पैसे के बदले वह यूएसडीटी बेच रहा है, वह फ्राड का है या खरीदने वाला व्यक्ति किसी फ्राड कार्य में लिप्त है। उन्होंने कहा कि आकाश शर्मा इस जांच में पूरी तरह से पुलिस का सहयोग करेगा, ऐसे में जरूरी है कि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करें, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।

बिनांस शेयर ट्रेडिग से भी जुड़ा है आकाश

एडवोकेट सन्नी ढींगड़ा ने कहा कि आकाश शर्मा ट्रेडिग का कार्य करता है। ऐसे में कौन यूएसडीटी या क्रिप्टो खरीदता या बेचता है, यह जांच करना केवल बिनांस कंपनी का काम है। कंपनी में ही किसी का आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य कागजात लेकर केवाईसी पूरी की जाती है। उन्होंने कहा कि यूजर या ट्रेडर के इस ऐप पर रजिस्टर्ड होने के बाद ही क्रिप्टो आदि खरीदा या बेचा जा सकता है।

Edited By: Jagran