जागरण संवाददाता, हिसार: हिसार मंडल की पुलिस के साथ एक गंभीर मामला सामने आया है। एक लोन कंपनी ने एक राष्ट्रीय अखबार में हिसार, सिरसा और जींद जिलों के एसपी और हिसार मंडल के आइजी के मोबाइल नंबर लोन के विज्ञापन के साथ प्रकाशित कर दिए। जिस कारण शनिवार सुबह से हिसार के एसपी समेत जींद, सिरसा के एसपी और आइजी को लोन देने के लिए देर शाम तक 200 से अधिक काल आई। चारों पुलिस अधिकारियों को मार्कशीट पर, संपत्ति पर, व्यापार शुरू करने के लिए और मछली पालन के लिए लोन मांगा। इन जिलों के एसपी और आइजी को फोन कर किसी ने 10 लाख तो किसी ने 50 लाख रुपये और किसी ने 50 हजार रुपये तक का लोन मांगा। सुबह से ये पुलिस अधिकारी लोन मांगने वालों को समझा कर थक गए कि ये नंबर किसी लोन कंपनी के नहीं हैं। ये पुलिस के नंबर हैं। शाम तक भी काल आने का सिलसिला लगातार जारी रहा, तंग आकर पुलिस अधिकारियों ने फोन ही रिसीव नहीं किए।

एसपी को सुबह से 80 से अधिक बार काल आई

एसपी लोकेंद्र सिंह को सुबह से 80 से अधिक बार लोन के लिए काल की गई। एसपी से भी किसी ने मार्कशीट पर 10 हजार का लोन मांगा तो किसी ने मछली पालन के लिए 15 लाख का लोन मांगा। एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया की किसी ने नंबर गलती से प्रकाशित कर दिया है।

आइजी के पास भी आ रहे लोन मांगने के लिए काल

हिसार मंडल के आइजी राकेश कुमार आर्य के पास भी सुबह से करीब 40 काल आई। आईजी को भी कई लोगों ने फोन कर कभी 40 हजार तो कभी 50,000 तो कभी लाख रुपये का लोन मांगा। आइजी ने मामले में जांच करवाने के लिए कहा है। संबंधित तीनों जिलो के एसपी को आदेश दिया है कि यह गलती किससे हुई है और दोषियों पर कार्रवाई भी की जाए।

इन अधिकारियों के पास जा रहे लोन मांगने के लिए फोन

हिसार एसपी लोकेंद्र सिंह, आईजी राकेश आर्य, जींद और सिरसा जिलो के एसपी के पास भी लोन मांगने के लिए कई लोगों की काल आ चुकी है। इन सभी अधिकारियों के नंबर एक लोन कंपनी के विज्ञापन में प्रकाशित किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के सरकारी नंबर देने पर एसपी और आइजी सख्त

आइजी राकेश आर्य ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस तरह से पुलिस अधिकारियों के नंबर छापने से दिन भर इन नंबरों पर काल की गई। ऐसे में पुलिस अधिकारियों का समय भी खराब हुआ। आइजी ने इस मामले को संदिग्ध बताया है, क्योंकि स्वतंत्रता दिवस पर किसी व्यक्ति के माध्यम से पुलिस अधिकारियों का नंबर छपवाना संदेह पैदा करता है। मामले आइजी ने दो दिन में जवाब मांगा है।

Edited By: Jagran