जेएनएन, मंडी आदमपुर (हिसार)। ब्लॉक के एक गांव के सरकारी स्कूल में पढ़नेे वाली छात्राओं ने तीन अध्यापकों पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। वहीं छात्रों ने अमानवीय शारीरिक दंड देने की बात कही है। गत दिवस स्कूल में पहुंचीं जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव से बातचीत के दौरान पीडि़त छात्र-छात्राओं ने आपबीती बताई। सुनीता यादव ने स्कूल के 27 विद्यार्थियों के बयान दर्ज कर आदमपुर थाने में भेज दिया। पुलिस ने जेजे एक्ट और पास्को एक्ट के तहत तीनों शिक्षकों पर केस दर्ज कर लिया है।

दरअसल, आदमपुर ब्लॉक के उक्त सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ गलत व्यवहार की लगातार शिकायत मिल रही थी। इस पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव की तरफ से बच्चों को गुड टच-बेड टच की जानकारी देने के लिए शिविर लगाया गया था। सुनीता यादव ने इस दौरान बच्चों को बुलाकर पूछा कि आपके साथ तो कभी कुछ गलत हरकत नहीं हुई है। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि स्कूल के टीचर उन्हें छेडऩे के कोई न कोई बहाने खोजते हैं। विरोध के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। शर्म व भय के कारण वह अपनी पीड़ा परिवार को भी नहीं बता पाईं। इस पर उनके लिखित बयान पुलिस को भेजे गए।

छात्र बोले, कभी पीठ पर लात मारी तो कभी कुर्सी से बांधा

जिला बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष पीडि़त छात्रों ने बताया कि अध्यापक उनको अमानवीय शारीरिक दंड देते हैं। कभी उनकी पीठ पर लात मारी जाती है तो कभी कुर्सी से उनको बांधा जाता है।

पहले भी आ चुकी हैं शिकायतें

जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव का कहना है कि इस स्कूल के संबंध में कुछ शिकायतें पहले आ चुकी थी। इसके साथ ही हम सोमवार को यहां पॉस्को एक्ट की जानकारी देने पहुंचे थे। जब बच्चों को गलत हरकतें पहचानने का तरीका बता रहे थे, तभी छात्राओं व छात्रों ने अपनी समस्या को उजागर किया। इस मामले में लिए बयान पुलिस को उचित कार्रवाई के लिए भेजे हैं।

मामला हो गया है दर्ज 

राज्य बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा का कहना है कि आदमपुर के स्कूल का मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। बुधवार को पुलिस व काउंसलर के साथ खुद पीडि़त छात्र-छात्राओं के स्कूल में जाउंगी। उनसे उनकी पीड़ा के बारे में पूछकर जो भी कार्यवाई होगी, उसकी सिफारिश करूंगी। पुलिस अधिकारियों से बात हो गई है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जानिए क्या होता है गुड टच व बैड टच

- गुड टच : जब कोई आपको टच करता है, इसके टच से आपको स्नेह की अनुभूति होती है और आपको अच्छा अच्छा लगता है। जैसे आपके माता-पिता, बड़ी बहन, नानी या दादी के टच से आप महसूस करते हैं।

 

बैड टच : कोई व्यक्ति आपको ऐसे छुए कि आपको असहज व असुरक्षित महसूस हो। या फिर उस व्यक्ति का छूना आपको बुरा लगे। यह बैड टच की श्रेणी में आता है। इसके अलावा आपको छूने के बाद किसी और से बताने से मना करता है तो वह भी बैड टच की श्रेणी में आता है।

एनसीपीसीआर की साइट पर बच्चे कर सकते हैं यौन शोषण की शिकायत

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने बच्चों को उत्पीडऩ की घटनाओं से बचाने के लिए कदम उठाया हुआ है। बच्चे अपने साथ हुई उत्पीडऩ की घटनाओं को चित्र के माध्यम से भी एनसीपीसीआर को शिकायत भेज सकते हैं। आयोग में शिकायत के लिए बच्चों को कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे अपने घर से ही आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन, मोबाइल नंबर या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।

चाइल्ड हेल्पलाइन : 1098

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- एनसीपीसीआर की साइट पर पहले चरण में साइट पर ही ई-बॉक्स बटन लिखा है, उस पर करें क्लिक

- अगले चरण में एक 26 सेकंड का वीडियो है, जिसमें बच्चे को एनसीपीसीआर के माध्यम से शोषण के प्रति आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया है।

- तीसरे व अंतिम चरण में शोषण की 6 कैटेगरी दिखाई हैं। इसमें अपने से संबंधित कैटेगरी पर क्लिक कर बच्चा अपना नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आइडी, घटना का संक्षिप्त विवरण दे। अंत में सबमिट के बटन को दबाकर शिकायत दर्ज करा सकता है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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