संवाद सहयोगी, हांसी : पिछले महीने इंडोनेशिया में आयोजित हुए एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल विजेता भारतीय हॉकी टीम की सदस्य और टीम में मिडफिल्डर की भूमिका निभाने वाली उदिता शनिवार को स्थानीय ¨हदू सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रही सीबीएसई क्लस्टर खो-खो प्रतियोगिता का दूसरे दिन आगाज करने पहुंची।

इस दौरान दैनिक जागरण से विशेष बातचीत करते हुए हिसार शहर की प्रतिभाशाली उदिता ने बताया कि बचपन में उन्हें हैंडबॉल खोलने का शौक था, लेकिन एक दिन एक दिन कोच नहीं आए और साथ वाले ग्राउंड में बच्चों को हाकी खेलते देखा और उसी दिन से हाकी खेलना शुरू कर दिया। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और हॉकी को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया।

उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय टीम ने कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति के बदौलत सिल्वर मेडल हासिल किया है। उदिता ने कहा कि स्पो‌र्ट्स के क्षेत्र में कामयाब होने के लिये जीवन में अनुशासन का होना अपरिहार्य है। अगर आप समय व डाइट को लेकर अनुशासित नहीं हैं तो किसी कीमत पर खेल के क्षेत्र में कामयाबी नहीं मिल सकती। उन्होंने बताया कि वह हर रोज छह घंटे मैदान पर पसीना बहाती हैं और 2020 ओलंपिक में क्वालीफाई करना ही उनका अगला लक्ष्य है।

स्कूल की प्राचार्य सुनीता ने बताया कि चार दिनों तक चलने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 98 सीबीएसई स्कूलों की टीमें भाग ले रही हैं। अंडर-17 के मुकाबले में ¨हदू सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महाराज अग्रसेन स्कूल सिवानी, चंदन बाल विकास स्कूल पानीपत की टीम विजेता रही। वहीं लड़कियों के अंडर-17 आयु वर्ग में कल्पना चावला विद्यापीठ सोनीपत, आर्य पब्लिक स्कूल रोहतक, लॉर्ड कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल की टीमें जीती। अंडर-19 आयु वर्ग में इंडियन मार्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोनीपत, एचआर ग्रीन फील्ड स्कूल झज्जर की टीमों ने बाजी मारी।

Posted By: Jagran