जेएनएन, हिसार। छात्र संघ चुनाव भले ही 17 अक्‍टूबर को 22 साल के बाद हो रहे हैं, मगर इसकी शर्तें अभी भी छात्रों को रास नहीं आईं है। यही कारण है कि चुनावों की घोषणा होने के बाद से ही अप्रत्‍यक्ष तरीके से चुनाव करवाने का विरोध हाे रहा था। शुक्रवार को अप्रत्‍यक्ष चुनाव के विरोध में एबीवीपी छात्र संगठन को छोड़कर सभी छात्र संगठनों ने अप्रत्‍यक्ष चुनाव का विरोध किया और इस दौरान प्रदर्शन ने हंगामे का रूप धारण कर लिया। राजकीय महाविद्यालय में छात्रों ने नारेबाजी की वहीं इन हालातों को देखते हुए जाट कॉलेज में भी पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए। इसके साथ ही जीजेयू में नामांकन किए जाने को लेकर सुबह से ही सुरक्षा कड़ी की और बिना पहचान पत्र के इंट्री बैन कर दी। इस पर छात्र संगठन भडक गए अौर विरोध में नारेबाजी करने लगे। हालात इस तरह से बिगड़े की एसएचओ मंदीप सांगवान के साथ छात्र धक्‍का मुक्‍की पर उतर आए और जबरदस्‍ती गेट के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। हालात को बिगड़ता देख वहां पर और ज्‍यादा पुलिस जवानों को बुलावा गया।

बिना स्‍टीकर के वाहनों की एंट्री की बैन जीजेयू में पहचान पत्र ही नहीं बल्कि जिन गाडि़यों पर जीजेयू का स्‍टीकर नहीं लगा था उन्‍हें अंदर नहीं जाने दिया। वहीं इसका विरोध करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। इसके बाद जीजेयू के मेन गेट पर वीडियोग्राफी भी करवाई गई ताकि हालात बिगाड़ने वालों को कैमरे में कैद किया जा सका। जीजेयू के प्रोक्‍टर संदीप राणा ने कहा कि किसी भी सूरत में स्थिति को नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। हम हर तरह से स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहे हैं।

Posted By: manoj kumar