जागरण संवाददाता, हिसार : सोनाली फोगाट मर्डर केस की जांच सीबीआइ (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) कर रही है। सीबीआइ की जांच गोवा के बाद अब हरियाणा की तरफ बढ़ रही है। सीबीआइ ने सोनाली फोगाट मर्डर मामले में शुक्रवार को सोनाली फोगाट के स्वजनों से संपर्क साधा है। सीबीआइ ने सोनाली के भाई रिंकू ढाका और जीजा अमन पूनिया को फोन कर संपर्क किया है। दोनों ही सोनाली फोगाट मर्डर केस में मुख्य गवाह हैं। सीबीआइ की टीम सोनाली मर्डर का गोवा के साथ-साथ हरियाणा का कनेक्शन भी जोड़कर देख रही है।

इसके लिए वह गुरुग्राम और हिसार दोनों जगहों पर छानबीन कर सकती है। हालांकि सीबीआइ ने स्वजनों को यह नहीं बताया है कि वह हिसार कब आएंगे। मगर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआइ की टीम आज या कल में हरियाणा में अपनी छानबीन शुरू कर सकती है। इतना ही नहीं गुमनाम चिट्ठी के बारे में भी सीबीआइ पता लगाने में जुटी है कि क्या इसका सच में सोनाली फोगाट के मर्डर से लेना देना है या यह कोई शरारत है।

सोनाली के स्वजनों ने जब सीबीआइ से गुमनाम चिट्ठी के बारे में बात की सीबीआइ ने कहा कि वह पहले ही इसको लेकर जांच कर रहे हैं। इससे यह पता चलता है कि गोवा पुलिस के माध्यम से सीबीआइ को गुमनाम चिट्ठी पहले से ही प्राप्त हो चुकी है। वहीं सोनाली फोगाट के जीजा अमन पूनिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि सीबीआइ ने उनसे और रिंकू से संपर्क साधा है। अगर सीबीआइ हिसार आकर उनसे पूछताछ करती है तो वह अपने हाथों से भी सीबीआइ को चिट्ठी सौंपेंगे।

सोनाली के परिवार को मिली थी गुमनाम चिट्ठी

सोनाली फोगाट के परिवार के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने दो दिन पहले एक चिट्ठी पोस्ट की थी। इस चिट्ठी में सोनाली फोगाट की हत्या का दोष कुछ राजनीतिक लोगों पर लगाया गया था। सोनाली के जीजा अमन पूनिया ने इन दोनों अज्ञात पत्रों की जांच की मांग उठाई थी और एसपी से शिकायत करने की बात कही थी। मगर सीबीआइ द्वारा संपर्क साधने के बाद अमन पूनिया ने चिट्ठी सीबीआइ को ही सौंपने का फैसला लिया है। जीजा अमन पूनिया ने बताया था कि सोनाली मर्डर केस में वह खुद मुख्य गवाह है ऐसे में राजनीतिक लोगों के नाम सामने से उनको जान का खतरा और बढ़ गया है।

सोनाली फोगाट के संत नगर वाले घर आई थी दो चिट्ठी

अमन पूनिया का कहना है संत नगर स्थित सोनाली फोगाट के परिवार के पास दोनों चिट्ठी पोस्ट की गई थी। एक चिट्ठी एक महीना पहले आई थी। उस समय हिसार एसपी से मामले की शिकायत की गई थी मगर हिसार एसपी ने गोवा का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया था। यह चिट्ठी गोवा पुलिस को भी वाट्सएप के माध्यम से भेजी गई थी मगर उन्हाेंने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। दो दिन पहले एक ओर चिट्ठी आई है जिसमें कुछ राजनीतिक लाेगों पर सोनाली की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

इन चिट्ठियों में एक स्थानीय नेता द्वारा सोनाली के पीए सुधीर सांगवान को सोनाली की हत्या के लिए मोटी रकम देने की बात कही गई है। अमन पूनिया का कहना है कि यह दोनों चिट्ठी स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी गई है। ऐसे में पुलिस को चिट्ठी भेजने वाले और इस पत्र में लिखे नामों की भूमिका की जांच करनी चाहिए। चिट्ठी लिखने वाले ने पत्र में अपना कोई नाम नहीं लिखा है। चिट्ठी लिखने वाले ने सारी जानकारी होने की बात भी एक नेता से पता चलने की बात कही है।

Edited By: Manoj Kumar

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