हांसी, जेएनएन। पिता की मौत होने के बाद बेटे द्वारा मृतक पिता का हेल्थ इंश्योरेंस करवाकर फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के सहारे लाखों रुपये का बीमा क्लेम करने का हाइप्रोफाइल मामला सामने आया है। पुलिस ने आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर मृतक के बेटे बालसमंद निवासी सोनू व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बीमा कंपनी से 6 लाख रुपये का क्लेम मांगा गया था। जब कंपनी ने जांच की तो सामने आया कि डेथ सर्टिफिकेट झूठा दिया गया था।

इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी निखिल ने बताया कि उनकी कंपनी से 24 अगस्त 2018 को हिसार के बालसमंद गांव निवासी राजा ने हेल्थ इंश्योरेंस करवाया था। मृतक की मौत हार्ट अटैक से दिखाई गई थी व 6 लाख रुपये का क्लेम कंपनी से मांगा गया। जिसके बाद कंपनी ने क्लेम देने की प्रक्रिया शुरु की तो क्लेम के दावे में कई खामियां पायी गई व कंपनी ने अपनी जांच शाखा से मामले की प्राथमिक जांच करवाई। इस जांच में सामने आया कि मृतक राजा की मौत की दो तारीखें विभिन्न कार्यालयों में दर्ज है।

इंश्योरेंस कंपनी ने इस मामले में जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार विभाग को जांच के लिए पत्र लिखा था। विभाग की जांच में सामने आया कि हिसार नगर निगम, आंगनवाड़ी व एएनएम रिपोर्ट में 14 अगस्त 2018 को राजा की मौत दर्शायी गई है। वहीं, नगर परिषद हांसी की तरफ से भी एक डेथ सर्टिफिकेट जारी किया गया है जिसमें मौत की तारीख 25 सितंबर 2018 दर्ज है। इस मामले में नगर परिषद हांसी के अधिकारियों ने भी अपनी रिपोर्ट जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार के समक्ष पेश की थी। इस जांच के आधार पर इंश्योरेंस कंपनी ने मामला दर्ज करने के लिए हांसी पुलिस को शिकायत भेजी थी। जिसके बाद पुलिस ने मृतक के बेटे सोनू के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

यूं समझें धोखाधड़ी के मामले को

एफआइआर के अनुसार 24 अगस्त 2018 को राजा ने इंश्योरेंस कंपनी से हेल्थ बीमा करवाया जबकि डेथ सर्टिफिकेट के अनुसार उसकी मौत 14 सितंबर 2018 को हो चुकी थी। फर्जीवाड़ा करके 6 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम हड़पने के लिए मौत की तारीख 25 सितंबर 2018 दिखाई गई। यानि बीमा करवाने के ठीक एक महीने के अंदर राजा की मौत हो गई। इसके बाद 5 मार्च 2019 को राजा के बेटे सोनू ने बीमा राशि लेेने के लिए बीमा कंपनी में क्लेम डाल दिया।

जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के पास भेजा था मामला

बीमा कंपनी से छह लाख का क्लेम मांगा गया था। राजा की मौत हार्ट अटैक से दर्शायी गई। इस मामले में जांच करने पर पाया गया कि डेथ सर्टिफिकेट में खामियां हैं। जिसके बाद मामला जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार को भेजा गया था। वहां से भी जांच के बाद डेथ सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया गया है।

- निखिल, अधिकारी, हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी

Posted By: Manoj Kumar

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