जागरण संवाददाता, सिरसा। डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की गाड़ी पर पथराव और हमला करने के मामले में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर सिरसा के बरनाला रोड पर लघु सचिवालय के सामने चल रहा धरना समाप्त हो गया है। पांच प्रदर्शनकारियों के धरनास्थल पर पहुंचने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने 80 वर्षीय बुजुर्ग के अनशन तोड़ने तथा आंदोलन के सिरसा बंद की घोषणा को वापस ले लिया गया है।

राजद्रोह व अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार खैरपुर सिरसा निवासी साहिब सिंह, फग्गू निवासी बलकौर सिंह, निक्का सिंह, बलकार सिंह तथा रंगा निवासी दलजीत को जमानत मिल गई है। बताया जा रहा है कि वीरवार को ही जमानत लगाई गई और सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दे दी गई। पांच प्रदर्शनकारियों के धरनास्थल पर पहुंचने के बाद किसानों ने इसे संघर्ष की जीत बताया। बता दें कि गत 11 जुलाई को डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की गाड़ी पर पथराव करने के मामले में सौ से अधिक लोगों पर राजद्रोह व अन्य संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पांच प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके बाद शनिवार से संयुक्त किसान मोर्चा धरना लगाए हुए था।

न हमने जमानत लगाई, बिना शर्त रिहा किए साथी

भारूखेड़ा हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि हमारी तरफ से कोई जमानत याचिका नहीं लगाई गई। अचानक प्रशासन के अधिकारी हमारे बीच पांच साथियों को लेकर पहुंचे हैं। जिन संगीन धाराओं में केस दर्ज है, उसमें आसानी से जमानत नहीं मिलती। यह किसानों के संघर्ष और आमरण अनशन पर बैठे बलदेव सिरसा के जज्बे की जीत हुई है। सरकार और प्रशासन ने हमारे साथियों को बिना शर्त रिहा किया है। शुक्रवार को किसान संगठनों की ओर से सिरसा बंद के फैसले को वापस लिया गया है।

नारियल जूस पीकर अनशन तोड़ते किसान नेता बलदेव सिरसा।

नारियल जूस पीकर तोड़ा आमरण अनशन

पांच दिन से गिरफ्तार युवकों की रिहाई की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे बलदेव सिरसा ने शाम करीबन पौने सात बजे अपना अनशन समाप्त कर दिया। जगजीत सिंह दलेवाल ने उन्हें धरनास्थल पर पहुंचकर नारियल का जूस पिलाया। प्रदर्शनकारियों की रिहाई की सूचना के बाद उन्हें पंजाब से जूस पिलाने के लिए किसान नेताओं ने बुलाया। इससे पहले शनिवार को हुए महापड़ाव में भी सरदार जगजीत सिंह दलेवाल शिरकत करने पहुंचे थे।

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