रोहतक, जेएनएन। अक्षय तृतीया के मौके पर होटल और मैरिज पैलेस में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया है। लॉकडाउन के साथ ही शादी समारोह के लिए सिर्फ 11 लोगों की अनुमति के चलते होटल कारोबार पूरी तरह से ठंडा हो गया है। होटल कारोबारियों का कहना है कि जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करना मुश्किल है। होटल के साथ ही बैंडबाजे, घोड़ी-बग्गी, कारीगर, हलवाई, टेंट, ब्यूटीशियन, सराफा कारोबार भी पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। होटल बैक्वेंट हॉल ढाबा एसोसिएशन के प्रधान अशोक भामरी ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल, गृह मंत्री अनिल विज और प्रशासन से मांग की है कि होटल में रात के वक्त लोग ठहर सकें इसके लिए ठोस इंतजाम हों।

तर्क दिया कि बाहरी जिलों से मरीजों के साथ आने वाले स्वजन रात में कहां ठहरें। यदि उन्हें दूसरे दिन डाक्टर को दिखाना हो तो वह वापस नहीं जाना चाहते। यदि होटल में ठहरने की अनुमति होगी तो कम से कम रात में यहां ठहर तो सकते हैं। इसलिए प्रशासन कोविड की गाइडलाइन के हिसाब से रात में ठहरने के लिए अनुमति दे। प्रशासन से यह भी कहा है कि कोविड को हराना भी जरूरी है। इसलिए प्रशासन के हर फैसले का सकारात्मक तरीके से सहयोग करेंगे।

115 होटल, 100 रेस्टोरेंट, 70 मैरिज पैलेस पर सन्नाटा

होटल एसोसिएशन के सेक्रेटरी राजेश गुगनानी और उप प्रधान रीतेश दलाल ने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ कि पूरी तरह कारोबार डूब गया है। सेक्रेटरी राजेश गुगनानी ने बताया कि 115 होटल, 100 रेस्टोरेंट और 65-70 मैरिज पैलेस हैं। इन्होंने बताया कि होटल कारोबार के साथ ही फूल वाले, वाहनों को सजाने वालों से लेकर दूसरे कारोबार भी प्रभावित हुए हैं। इनका यह भी कहना है कि सरकार के कदम सकारात्मक हैं और कोरोना को हराने के लिए जो भी जरूरी कदम हैं वह उठाए जा रहे हैं।

कारोबारी बोले कभी सपने में भी नहीं सोचा था, होटल बंद होंगे

पिछले करीब 29 साल से होटल कारोबार से जुड़े प्रधान अशोक भामरी ने चिंता जताई कि हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि ऐसे हालात होंगे। इन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया के मौके पर हमारे होटलों पर सन्नाटा है। यह देख, सुन और बताकर हमारी नींद उड़ जाती है। यह भी कहा कि कारोबार में उतार-चढ़ाव तो आते हैं, मगर ऐसे हालातों की कल्पना सिर्फ मैंने ही नहीं बल्कि दूसरे लोगों ने भी नहीं की थी। प्रशासन से मांग की है कि डूबते कारोबार को सरकार थोड़ी राहत देकर उबार सकती है।

----होटल कारोबार पूरी तरह से प्रभावित है। लॉकडाउन के चलते अब लोगों को होटल में ठहरने की सुविधा भी नहीं है। सरकार जो भी फैसला लेगी हम उनके साथ हैं। लेकिन कोविड की गाइडलाइन के हिसाब से रात के वक्त ठहरने का इंतजाम हो। जिससे बाहरी जिलों से कोई चिकित्सकों को दिखाने आते हैं तो कम से कम वह होटलों में ठहर सकें।

अशोक भामरी, प्रधान, हरियाणा होटल रेस्टोरेंट ढाबा एसोसिएशन

--होटल कारोबार के लिए यह सबसे मुश्किल दौर है। हमारे यहां अक्षय तृतीया पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। शादियों से जुड़े दूसरे कारोबार भी पूरी तरह से ठप हो गए।

रीतेश दलाल, उप प्रधान, हरियाणा होटल रेस्टोरेंट ढाबा एसोसिएशन

--मैरिज पैलेस में सन्नाटा है। सरकार ने कोविड को हराने के लिए शादी समारोह के लिए 11 लोगों को ही अनुमति देने का फैसला लिया था। सरकार कोविड को हराने के लिए ठोस फैसला ले रही है। हम भी यही चाहते हैं कि हमें नुकसान हो जाए, लेकिन देश जीते। कोविड हारेगा तभी हम सभी सुरक्षित हैं।

राजेश गुगनानी, सेक्रेटरी, हरियाणा होटल रेस्टोरेंट ढाबा एसोसिएशन

Edited By: Manoj Kumar