बहादुरगढ़, जागरण संवाददाता। बहादुरगढ़ में गणतंत्र दिवस के मौके पर एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने उपमंडल स्तर पर बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और परेड मार्च पास्ट की सलामी ली।  एसडीएम ने समारोह स्थल पर ध्वजारोहण से पहले शहीदी स्मारक पर पंहुचकर शहीदों को नमन किया।

संविधान सभा के तमाम सदस्यों को किया नमन

एसडीएम ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के तमाम सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि संविधान के कारण हम सभी को समान न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता का अधिकार मिला। गणतंत्र दिवस के साथ हमारे देशभक्तों के त्याग और बलिदान की एक लंबी गौरवगाथा जुड़ी हुई है। देश को आजादी दिलाने के लिए राष्टï्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद और उधम सिंह जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने लम्बा संघर्ष किया। यह राष्टï्रीय पर्व  देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों के साथ-साथ उन जांबाज जवानों को भी सलाम करने का पर्व है जिन्होंने आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। आज पूरा देश उनका ऋ णी है।

आठ जिलों में एकीकृत सैनिक सदन बनाने का निर्णय लिया

एसडीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार ने युद्ध के दौरान शहीद हुए हरियाणा के सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसी प्रकार, आई.ई.डी. बलास्ट में शहीद होने पर भी अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। युद्ध अथवा आतंकवादियों से मुठभेड़ड़ या किसी अन्य घटना के दौरान घायल हुए सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि नि:षक्ता के आधार पर बढ़ाकर 35 लाख रुपये, 25 लाख रुपये और 15 लाख रुपये की गई है। सरकार ने सैनिकों के कल्याण के लिए आठ जिलों में एकीकृत सैनिक सदन बनाने का निर्णय लिया है। इन पर करीब 100 करोड़ड़ रुपये की लागत आएगी।

ऐतिहासिक कदम उठाए गए

एसडीएम ने कहा कि पिछले लगभग पौने 8 साल के कार्यकाल में कई ऐसे निर्णय लिए, जिससे न केवल भारत के प्रति दुनिया का नजरिया बदला, बल्कि एक शक्तिशाली देश के रूप में हमारी पहचान बनी। केन्द्र सरकार ने जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद-370 व धारा 35-ए को हटाने,नागरिकता संशोधन कानून, तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने, अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवाने समेत अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र

हरियाणा की मौजूदा सरकार 'सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र पर प्रदेश के हर क्षेत्र का समान विकास करवाने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन एवं सुशासन के पथ पर चलते हुए कई अनूठी पहल की हैं। इनमें युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी, कर्मचारियों का ऑनलाइन तबादला, राशन, पेंशन, वजीफों, सब्सिडी में चल रहे फर्जीवाड़े को बंद करना आदि शामिल है। आज हरियाणा की गिनती देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों में होती है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां पढ़ी-लिखी पंचायतें हैं। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य भी है, जिसने शासन में पंचायती राज संस्थाओं की अधिक से अधिक भागीदारी के लिए अंतर-जिला परिषद का गठन किया है।

सरकार ने प्रदेश में नई व्यवस्था बनाकर लोगों में नई उम्मीद जगाने का काम किया

एसडीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश में नई व्यवस्था बनाकर लोगों में नई उम्मीद जगाने का काम किया है। प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक संस्कृति में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र-स्वाभिमान के मौके पर हम देश व प्रदेश के नव-निर्माण में अपने पूरे सामर्थ्य से जुट जाने का संकल्प लें ताकि हमारा भारत एक बार फिर वही भारत बन सके।

Edited By: Naveen Dalal